📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Suyash Dwivedi
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उज्जैन में 945 करोड़ के एलिवेटेड कॉरिडोर का भूमिपूजन, सीएम मोहन यादव ने किया
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 20 अग. 2026, 03:40 PM
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में 945.20 करोड़ रुपये के एलिवेटेड कॉरिडोर का भूमिपूजन किया, जिससे सिंहस्थ‑2028 से पहले प्रमुख तीर्थस्थलों पर ट्रैफिक दबाव घटेगा।
उज्जैन, मध्य प्रदेश – मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 945.20 करोड़ रुपये मूल्य के एलिवेटेड कॉरिडोर की आधारशिला रखी। यह परियोजना सिंहस्थ‑2028 खेलों से पहले शहर के परिवहन बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
एलिवेटेड कॉरिडोर शहर के प्रमुख धार्मिक मार्गों के साथ-साथ प्रमुख मंदिरों और तीर्थस्थलों को जोड़ने के लिए बनाया जाएगा। वाहन ट्रैफ़िक को पैदल यातायात से अलग करके, अधिकारियों को उम्मीद है कि तीव्र भीड़भाड़ के दौरान, विशेषकर त्योहारी मौसम और अंतरराष्ट्रीय खेलों में, ट्रैफ़िक दबाव में उल्लेखनीय कमी आएगी।
राज्य ने बताया कि इस कार्य को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और पहले चरण को दो वर्षों के भीतर चालू करने का लक्ष्य है। वित्तीय सहायता राज्य के बुनियादी ढाँचा बजट से आएगी, और निर्माण कार्य स्थानीय ठेकेदारों व राष्ट्रीय इंजीनियरिंग फर्मों के सहयोग से होगा।
समारोह में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और उज्जैन नगर निगम के प्रतिनिधि शामिल थे, जिन्होंने इस कॉरिडोर को पर्यटन को बढ़ावा देने और सड़क सुरक्षा में सुधार करने के साधन के रूप में सराहा।
यह पहल मध्य प्रदेश की शहरी सुविधाओं को आधुनिक बनाने और शहर की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
एलिवेटेड कॉरिडोर शहर के प्रमुख धार्मिक मार्गों के साथ-साथ प्रमुख मंदिरों और तीर्थस्थलों को जोड़ने के लिए बनाया जाएगा। वाहन ट्रैफ़िक को पैदल यातायात से अलग करके, अधिकारियों को उम्मीद है कि तीव्र भीड़भाड़ के दौरान, विशेषकर त्योहारी मौसम और अंतरराष्ट्रीय खेलों में, ट्रैफ़िक दबाव में उल्लेखनीय कमी आएगी।
राज्य ने बताया कि इस कार्य को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और पहले चरण को दो वर्षों के भीतर चालू करने का लक्ष्य है। वित्तीय सहायता राज्य के बुनियादी ढाँचा बजट से आएगी, और निर्माण कार्य स्थानीय ठेकेदारों व राष्ट्रीय इंजीनियरिंग फर्मों के सहयोग से होगा।
समारोह में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और उज्जैन नगर निगम के प्रतिनिधि शामिल थे, जिन्होंने इस कॉरिडोर को पर्यटन को बढ़ावा देने और सड़क सुरक्षा में सुधार करने के साधन के रूप में सराहा।
यह पहल मध्य प्रदेश की शहरी सुविधाओं को आधुनिक बनाने और शहर की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।