🔥 TRENDING इकौना क्षेत्र के ग्राम मटखानव में झांक... बहराइच में जमीन पर कब्जे का आरोप, पीड़... ਪੁਰਸ਼ਾਂ ਦੇ ਜੈਵਲਿਨ ਥ੍ਰੋਅ ਮੁਕਾਬਲੇ 'ਚ ਭਾਰਤ... दतिया: बिना एसएमएस अलर्ट चलाए हार्वेस्... बड़वानी के शासकीय आदर्श महाविद्यालय मे... 108 संजीवनी एक्सप्रेस कर्मचारियों का अ...
19 Oct 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
Health

उज्जैन में आयोजित जिला स्तरीय मातृ एवं शिशु मृत्यु समीक्षा बैठक, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार के लिए दिए निर्देश

✍️ Reporter: Pranav Gaur 🗓 19 Oct 2026, 08:38 PM 👁 9
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी उज्जैन के निर्देशन में आयोजित बैठक में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने, शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव और उच्च जोखिम वाली महिलाओं की निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उज्जैन, 13 अक्टूबर। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के संदर्भ में जिला स्तरीय मातृ एवं शिशु मृत्यु समीक्षा बैठक का आयोजन 13 अक्टूबर 2026 को किया गया। यह बैठक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला उज्जैन डॉ. विक्रम रघुवंशी के निर्देशन में और जिला स्वास्थ्य अधिकारी-01 डॉ. जितेंद्र राजपूत की अध्यक्षता में कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला उज्जैन में आयोजित की गई। बैठक में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रविंद्र कुमार पाल, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिता भिलवार, खंड चिकित्सा अधिकारी, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनीता शर्मा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री परविंदर बग्गा, जिला कम्युनिटी मोबिलाइजर श्री अनस कुरेशी, सहायक कार्यक्रम प्रबंधक श्री दिलीप वसुनिया, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य शाखा प्रभारी श्रीमती सुनीता शर्मा, पब्लिक हेल्थ मैनेजर श्री सांवलिया पाटीदार, बी.पी.एम. और बी.सी.एम. सहित विभिन्न अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

बैठक में प्रशासनिक निर्देश जारी करते हुए कहा गया कि प्रत्येक विकासखंड स्तर पर मातृ एवं शिशु मृत्यु रिव्यू की पृथक-पृथक प्रतिमाह बैठकें आयोजित कर सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने हेतु निरंतर प्रयास करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्तापूर्ण प्रदायगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु होने पर नियमानुसार चौबीस घंटे के भीतर वरिष्ठ स्तर पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया गया।

स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के संदर्भ में निर्देश दिया गया कि जिले में गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत ए.एन.सी. पंजीयन किया जाए और प्रसव पूर्व चार ए.एन.सी. जाँचें समय पर सुनिश्चित की जाएं। हाई रिस्क महिलाओं की सूची प्रत्येक स्वास्थ्य संस्था पर चस्पा करने के साथ ही उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का चिह्नांकन कर उनकी पूर्ण निगरानी एवं समुचित प्रबंधन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इन महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए ए.एन.सी. पंजीयन के बाद उनकी निगरानी, उचित परामर्श और नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।

अंत में, बैठक में शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। गर्भवती महिलाओं को प्रसव की संभावित तिथि से पूर्व ही बर्थ वेटिंग में भर्ती करवाने के निर्देश दिए गए। साथ ही, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत प्रतिमाह 9 व 25 को आयोजित होने वाले शिविरों में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व एवं प्रसव पश्चात जाँचों की व्यवस्था और जोखिमपूर्ण गर्भावस्था का सुचारू प्रबंधन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।
📲Get App