📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Information and Broadcasting
शिक्षा
त्रिपुरा में बीजेआरसीवाई योजना के तहत तीन नई लड़कियों के हॉस्टल बनेंगे, एससी कल्याण मंत्री
✍️ Tripuratimes
🗓 01 अक्टू. 2026, 04:37 AM
👁 18
त्रिपुरा के सामाजिक कल्याण मंत्री ने बताया कि बीजेआरसीवाई योजना के तहत राज्य में तीन नई लड़कियों के हॉस्टल बनाए जाएंगे।
त्रिपुरा के सामाजिक कल्याण मंत्री ने बताया कि बीजेआरसीवाई योजना के तहत राज्य में तीन नई लड़कियों के हॉस्टल बनेंगे। यह पहल महिला छात्रों की सुरक्षा और शिक्षा तक पहुँच को बेहतर बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। इन हॉस्टलों को उन जिलों में स्थापित किया जाएगा जहाँ कॉलेजों में आवास की कमी है। निर्माण कार्य अगले तिमाही में शुरू होगा और दो वर्षों के भीतर पूरा होने की उम्मीद है। यह योजना उच्च शिक्षा में महिला भागीदारी बढ़ाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
बीजेआरसीवाई कार्यक्रम, जो केंद्र सरकार द्वारा समर्थित है, कम विकसित क्षेत्रों में शैक्षणिक बुनियादी ढाँचा बनाने में वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करता है। हॉस्टल क्षमता बढ़ाकर राज्य का लक्ष्य उन महिलाओं के ड्रॉपआउट को कम करना है, जिन्हें अब लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। स्थानीय प्राधिकरण कॉलेज प्रशासन के साथ मिलकर कमरे आवंटित करेंगे और सुविधाएँ चालू होने पर उनका प्रबंधन करेंगे।
छात्र संघों और महिला संगठनों ने इस घोषणा का स्वागत किया, क्योंकि सुरक्षित आवास परिवारों को लड़कियों को कॉलेज भेजने में प्रमुख कारक माना जाता है। मंत्री ने लिंग‑समावेशी शिक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और परियोजना की प्रगति की नियमित निगरानी का आश्वासन दिया।
बीजेआरसीवाई कार्यक्रम, जो केंद्र सरकार द्वारा समर्थित है, कम विकसित क्षेत्रों में शैक्षणिक बुनियादी ढाँचा बनाने में वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करता है। हॉस्टल क्षमता बढ़ाकर राज्य का लक्ष्य उन महिलाओं के ड्रॉपआउट को कम करना है, जिन्हें अब लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। स्थानीय प्राधिकरण कॉलेज प्रशासन के साथ मिलकर कमरे आवंटित करेंगे और सुविधाएँ चालू होने पर उनका प्रबंधन करेंगे।
छात्र संघों और महिला संगठनों ने इस घोषणा का स्वागत किया, क्योंकि सुरक्षित आवास परिवारों को लड़कियों को कॉलेज भेजने में प्रमुख कारक माना जाता है। मंत्री ने लिंग‑समावेशी शिक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और परियोजना की प्रगति की नियमित निगरानी का आश्वासन दिया।