📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Khorang
कृषि
त्रिपुरा ने राष्ट्रीय मत्स्य बोर्ड बैठक में मछली उत्पादन आत्मनिर्भरता की मांग की
✍️ Tripura Chronicle
🗓 06 नव. 2026, 05:45 AM
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त्रिपुरा ने राष्ट्रीय मत्स्य बोर्ड से मछली उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के कदम उठाने की अपील की।
राष्ट्रीय मत्स्य बोर्ड की हालिया बैठक में त्रिपुरा के प्रतिनिधियों ने राज्य को मछली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए विस्तृत प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने बताया कि मत्स्य उद्योग त्रिपुरा की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा के लिए कितना महत्वपूर्ण है और नीति‑समर्थन व निवेश की मांग की।
वर्तमान में त्रिपुरा अपनी मछली की मांग का केवल छोटा हिस्सा ही स्थानीय रूप से पूरा कर पाता है, जबकि अधिकांश आपूर्ति पड़ोसी राज्यों से आती है। सीमित हैचरी क्षमता, अपर्याप्त कोल्ड‑चेन बुनियादी ढांचा और बिखरे हुए आपूर्ति नेटवर्क को मुख्य बाधाएँ बताया गया।
राज्य की योजना में हैचरी का विस्तार, प्रसंस्करण सुविधाओं का आधुनिकीकरण और बाजार संपर्कों को सुदृढ़ करना शामिल है। इस कदम से अगले तीन वर्षों में स्थानीय उत्पादन में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है, जिससे बाहरी आपूर्ति पर निर्भरता घटेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन होगा।
राष्ट्रीय मत्स्य बोर्ड ने प्रस्ताव की समीक्षा करने और केंद्र की योजनाओं के साथ समन्वय करके वित्तीय एवं तकनीकी सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है। अगले महीने प्रारम्भिक चरण के कार्यों को अंतिम रूप देने के लिए एक फॉलो‑अप बैठक निर्धारित की गई है।
वर्तमान में त्रिपुरा अपनी मछली की मांग का केवल छोटा हिस्सा ही स्थानीय रूप से पूरा कर पाता है, जबकि अधिकांश आपूर्ति पड़ोसी राज्यों से आती है। सीमित हैचरी क्षमता, अपर्याप्त कोल्ड‑चेन बुनियादी ढांचा और बिखरे हुए आपूर्ति नेटवर्क को मुख्य बाधाएँ बताया गया।
राज्य की योजना में हैचरी का विस्तार, प्रसंस्करण सुविधाओं का आधुनिकीकरण और बाजार संपर्कों को सुदृढ़ करना शामिल है। इस कदम से अगले तीन वर्षों में स्थानीय उत्पादन में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है, जिससे बाहरी आपूर्ति पर निर्भरता घटेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन होगा।
राष्ट्रीय मत्स्य बोर्ड ने प्रस्ताव की समीक्षा करने और केंद्र की योजनाओं के साथ समन्वय करके वित्तीय एवं तकनीकी सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है। अगले महीने प्रारम्भिक चरण के कार्यों को अंतिम रूप देने के लिए एक फॉलो‑अप बैठक निर्धारित की गई है।