📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Anna Frodesiak
स्वास्थ्य
त्रिपुरा स्वास्थ्य विभाग ने लीवर, हार्ट और बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए लक्ष्य निर्धारित किया
✍️ Northeast Today
🗓 03 अग. 2026, 03:36 PM
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त्रिपुरा स्वास्थ्य विभाग ने लीवर, हार्ट और बोन मैरो ट्रांसप्लांट की संख्या बढ़ाने के लिए नई पहल की घोषणा की, जिसमें सचिव क़िरन गिट्टे ने योजना का विवरण दिया।
त्रिपुरा स्वास्थ्य विभाग ने लीवर, हार्ट और बोन मैरो ट्रांसप्लांट की संख्या बढ़ाने के लिए एक व्यापक योजना का अनावरण किया है। सचिव क़िरन गिट्टे द्वारा जारी बयान में अधिकारियों ने बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बुनियादी ढांचे और प्रशिक्षित कर्मियों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
इस पहल का लक्ष्य राज्य के प्रमुख अस्पतालों में समर्पित ट्रांसप्लांट इकाइयाँ स्थापित करना है, जिसमें वार्षिक रूप से एक विशिष्ट संख्या में प्रक्रियाएँ करने का लक्ष्य है। गिट्टे ने कहा कि कार्यक्रम में दाता पंजीकरण और सार्वजनिक जागरूकता अभियानों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि यह कदम रोगियों के परिणामों की समीक्षा और यह पहचानने के बाद आया है कि कई निवासी ट्रांसप्लांट सेवाओं के लिए राज्य से बाहर यात्रा करते हैं। स्थानीय क्षमताओं को मजबूत करके, त्रिपुरा प्रतीक्षा समय को कम करने और ट्रांसप्लांट रोगियों के जीवित रहने की दर में सुधार करने की आशा करता है।
विभाग राष्ट्रीय चिकित्सा निकायों के साथ भी सहयोग करेगा ताकि सर्वोत्तम प्रथाओं के दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जा सके और उपकरण व प्रशिक्षण के लिए आवश्यक धनराशि सुरक्षित की जा सके।
गिट्टे ने निष्कर्ष निकाला कि यह कार्यक्रम त्रिपुरा के लोगों के लिए उन्नत ट्रांसप्लांट देखभाल को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस पहल का लक्ष्य राज्य के प्रमुख अस्पतालों में समर्पित ट्रांसप्लांट इकाइयाँ स्थापित करना है, जिसमें वार्षिक रूप से एक विशिष्ट संख्या में प्रक्रियाएँ करने का लक्ष्य है। गिट्टे ने कहा कि कार्यक्रम में दाता पंजीकरण और सार्वजनिक जागरूकता अभियानों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि यह कदम रोगियों के परिणामों की समीक्षा और यह पहचानने के बाद आया है कि कई निवासी ट्रांसप्लांट सेवाओं के लिए राज्य से बाहर यात्रा करते हैं। स्थानीय क्षमताओं को मजबूत करके, त्रिपुरा प्रतीक्षा समय को कम करने और ट्रांसप्लांट रोगियों के जीवित रहने की दर में सुधार करने की आशा करता है।
विभाग राष्ट्रीय चिकित्सा निकायों के साथ भी सहयोग करेगा ताकि सर्वोत्तम प्रथाओं के दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जा सके और उपकरण व प्रशिक्षण के लिए आवश्यक धनराशि सुरक्षित की जा सके।
गिट्टे ने निष्कर्ष निकाला कि यह कार्यक्रम त्रिपुरा के लोगों के लिए उन्नत ट्रांसप्लांट देखभाल को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।