📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Khapang Tripura
सरकारी योजना
त्रिपुरा का लक्ष्य 2028‑29 तक 3.5 लाख लाखपति महिलाएँ
✍️ India Today NE
🗓 22 अग. 2026, 01:38 PM
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त्रिपुरा सरकार ने 2028‑29 तक 3.5 लाख महिलाओं को सालाना एक लाख रुपये कमाने की क्षमता देने का लक्ष्य रखा है।
त्रिपुरा सरकार ने 2028‑29 वित्तीय वर्ष तक 3.5 लाख महिलाओं को सालाना एक लाख रुपये की आय प्राप्त करने वाले “लाखपति” वर्ग में लाने का लक्ष्य घोषित किया है। यह योजना महिलाओं के कौशल विकास, वित्तीय सहायता और बाजार संपर्क प्रदान करके ग्रामीण‑शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार सृजन को बढ़ावा देगी।
प्रमुख रूप से हथकरघा, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा, जहाँ महिलाओं को स्थायी आय की संभावना है। बैंकों और माइक्रो‑फ़ाइनेंस संस्थानों के साथ साझेदारी कर आसान ऋण उपलब्ध कराना योजना का अहम हिस्सा है।
सरकार प्रगति की निगरानी के लिए त्रैमासिक समीक्षा करेगी और उन महिलाओं की संख्या पर नियमित रिपोर्ट प्रकाशित करेगी जिन्होंने एक लाख रुपये की आय सीमा हासिल की है। सफल होने पर यह मॉडल अन्य उत्तर‑पूर्वी राज्यों के लिए महिलाओं की औपचारिक अर्थव्यवस्था में भागीदारी बढ़ाने का उदाहरण बन सकता है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि यह लक्ष्य राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन और समावेशी विकास के व्यापक उद्देश्य के साथ संगत है।
स्थानीय NGOs और व्यापार संगठनों ने इस घोषणा का स्वागत किया है, साथ ही लाभार्थी चयन में पारदर्शिता और त्वरित कार्यान्वयन की मांग की है।
प्रमुख रूप से हथकरघा, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा, जहाँ महिलाओं को स्थायी आय की संभावना है। बैंकों और माइक्रो‑फ़ाइनेंस संस्थानों के साथ साझेदारी कर आसान ऋण उपलब्ध कराना योजना का अहम हिस्सा है।
सरकार प्रगति की निगरानी के लिए त्रैमासिक समीक्षा करेगी और उन महिलाओं की संख्या पर नियमित रिपोर्ट प्रकाशित करेगी जिन्होंने एक लाख रुपये की आय सीमा हासिल की है। सफल होने पर यह मॉडल अन्य उत्तर‑पूर्वी राज्यों के लिए महिलाओं की औपचारिक अर्थव्यवस्था में भागीदारी बढ़ाने का उदाहरण बन सकता है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि यह लक्ष्य राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन और समावेशी विकास के व्यापक उद्देश्य के साथ संगत है।
स्थानीय NGOs और व्यापार संगठनों ने इस घोषणा का स्वागत किया है, साथ ही लाभार्थी चयन में पारदर्शिता और त्वरित कार्यान्वयन की मांग की है।