📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Henry Cousens (1893)
स्थानीय
दमोह में आदिवासी महिलाएँ 50 एकड़ जमीन के लीज को रोकने के लिए रस्सी बांध कर कलेक्स्ट्रेट पहुंचीं
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 12 अक्टू. 2026, 08:15 PM
👁 16
दमोह के कुसमी मानगढ़ की आदिवासी महिलाओं ने हाथों में रस्सी बांधकर कलेक्स्ट्रेट पहुंचकर 50 एकड़ जमीन के लीज़ को रोकने और मामले की जांच की मांग की।
दमोह के कुसमी मानगढ़ की आदिवासी महिलाओं ने मंगलवार को कलेक्स्ट्रेट में हाथों में रस्सी बांध कर विरोध किया। 50 एकड़ जमीन को जनकल्याण न्यास को लीज़ पर देने के कथित फैसले के खिलाफ उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा, जिसमें बेदखली रोकने और मामले की पूरी जांच की मांग की गई।
महिलाओं ने कहा कि यह जमीन पारंपरिक रूप से उनके समुदाय की है और बिना उनकी सहमति के किसी गैर‑सरकारी संस्था को नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने इस कदम से अपने जीवनयापन पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को उजागर किया।
स्थानीय अधिकारियों ने ज्ञापन दर्ज किया और लीज़ प्रस्ताव की पुनः समीक्षा का वादा किया। महिलाओं ने तुरंत कार्रवाई की मांग की, ताकि किसी भी प्रकार की जबरन बेदखली को रोका जा सके और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हो।
यह घटना मध्य प्रदेश में NGOs को जमीन आवंटन संबंधी बढ़ती असंतुष्टि को दर्शाती है और दिखाती है कि हाशिए पर रहने वाले समूह अपने अधिकारों की रक्षा के लिए प्रत्यक्ष कार्रवाई करने को तैयार हैं।
रिपोर्टिंग के समय तक इस मुद्दे पर कोई अंतिम निर्णय या कार्रवाई सार्वजनिक नहीं हुई है।
महिलाओं ने कहा कि यह जमीन पारंपरिक रूप से उनके समुदाय की है और बिना उनकी सहमति के किसी गैर‑सरकारी संस्था को नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने इस कदम से अपने जीवनयापन पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को उजागर किया।
स्थानीय अधिकारियों ने ज्ञापन दर्ज किया और लीज़ प्रस्ताव की पुनः समीक्षा का वादा किया। महिलाओं ने तुरंत कार्रवाई की मांग की, ताकि किसी भी प्रकार की जबरन बेदखली को रोका जा सके और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हो।
यह घटना मध्य प्रदेश में NGOs को जमीन आवंटन संबंधी बढ़ती असंतुष्टि को दर्शाती है और दिखाती है कि हाशिए पर रहने वाले समूह अपने अधिकारों की रक्षा के लिए प्रत्यक्ष कार्रवाई करने को तैयार हैं।
रिपोर्टिंग के समय तक इस मुद्दे पर कोई अंतिम निर्णय या कार्रवाई सार्वजनिक नहीं हुई है।