📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
टेक्नोलॉजी
टाइम्स नाउ ने एआई से मनिपुर के लोक गायक की हत्या का पुनर्निर्माण, परिवार ने किया विरोध
✍️ Newslaundry
🗓 10 सित. 2026, 03:33 PM
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टाइम्स नाउ ने एआई से मनिपुर के लोक गायक की हत्या को दिखाते हुए क्लिप्स प्रसारित किए, जिससे कलाकार के परिवार में शोक और आलोचना उत्पन्न हुई।
टाइम्स नाउ, एक प्रमुख अंग्रेज़ी समाचार चैनल, ने एआई‑जनित वीडियो क्लिप्स प्रसारित किए, जिनमें मनिपुर के एक लोक गायक की गोली मारकर हत्या को फिर से दिखाया गया है। इस क्लिप को कलाकार के परिवार ने अत्यधिक आक्रोश के साथ निंदा की, यह कहते हुए कि यह उनके शोक को शोषित करता है और मृतक की गरिमा का उल्लंघन करता है।
यह गायक अपने पारंपरिक संगीत के योगदान के लिए जाने जाते थे और उनकी हत्या अभी भी पुलिस जांच के अधीन है। चैनल ने कहा कि एआई पुनर्निर्माण दर्शकों को घटनाक्रम समझाने के उद्देश्य से किया गया था, परन्तु आलोचक इस बात को नैतिक सीमाओं के उल्लंघन के रूप में देख रहे हैं और ऐसी रिपोर्टिंग के भविष्य में खतरनाक नतीजे हो सकते हैं।
क़ानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में एआई‑जनित हिंसक दृश्य को लेकर अभी स्पष्ट नियम नहीं हैं, जिससे नियामक कदमों की संभावना बन रही है। इस बीच, परिवार ने चैनल से इस सामग्री को हटाने और शोक प्रक्रिया का सम्मान करने की अपील की है।
यह घटना भारत में पत्रकारिता में जनरेटिव एआई के जिम्मेदार उपयोग पर चल रहे बहस में एक नया मोड़ जोड़ती है, विशेषकर जब बात हत्या, सामुदायिक तनाव या व्यक्तिगत दर्द जैसी संवेदनशील विषयों की हो।
यह गायक अपने पारंपरिक संगीत के योगदान के लिए जाने जाते थे और उनकी हत्या अभी भी पुलिस जांच के अधीन है। चैनल ने कहा कि एआई पुनर्निर्माण दर्शकों को घटनाक्रम समझाने के उद्देश्य से किया गया था, परन्तु आलोचक इस बात को नैतिक सीमाओं के उल्लंघन के रूप में देख रहे हैं और ऐसी रिपोर्टिंग के भविष्य में खतरनाक नतीजे हो सकते हैं।
क़ानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में एआई‑जनित हिंसक दृश्य को लेकर अभी स्पष्ट नियम नहीं हैं, जिससे नियामक कदमों की संभावना बन रही है। इस बीच, परिवार ने चैनल से इस सामग्री को हटाने और शोक प्रक्रिया का सम्मान करने की अपील की है।
यह घटना भारत में पत्रकारिता में जनरेटिव एआई के जिम्मेदार उपयोग पर चल रहे बहस में एक नया मोड़ जोड़ती है, विशेषकर जब बात हत्या, सामुदायिक तनाव या व्यक्तिगत दर्द जैसी संवेदनशील विषयों की हो।