📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Trevbus
स्थानीय
टिलारी सीएडी बोर्ड ने अधूरी दस्तावेज़ीकरण के कारण धर्गलिम डिनोटिफिकेशन को स्थगित किया
✍️ The Times of India
🗓 28 अग. 2026, 06:39 PM
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टिलारी सिटी एंड एरिया डेवलपमेंट बोर्ड ने अधूरी कागजी कार्रवाई के कारण धर्गलिम गांव की डिनोटिफिकेशन प्रक्रिया को टाल दिया है।
टिलारी सिटी एंड एरिया डेवलपमेंट (सीएडी) बोर्ड ने बताया कि धर्गलिम गांव की डिनोटिफिकेशन प्रक्रिया तब तक नहीं चलायी जाएगी जब तक सभी आवश्यक दस्तावेज़ पूरी तरह से जमा नहीं हो जाते। बोर्ड के अधिकारियों ने कहा कि मौजूदा फाइल में कई महत्वपूर्ण मंजूरी और भूमि‑उपयोग रिकॉर्ड की कमी है, जिससे निर्णय को अंतिम रूप देना संभव नहीं है।
यह स्थगन गुरुवार को आयोजित एक बैठक में घोषित किया गया, जहाँ सदस्यों ने बकाया कागजी कार्यवाही की समीक्षा की और दस्तावेज़ीकरण को पूरा करने के लिए आवेदकों को अतिरिक्त समय देने पर सहमति जताई। बोर्ड ने कहा कि बाद में कानूनी जटिलताओं से बचने के लिए प्रक्रियात्मक मानदंडों का पालन आवश्यक है।
स्थानीय प्रशासन और गांव के प्रतिनिधियों को बोर्ड के साथ सहयोग करने और दस्तावेज़ीकरण को तेज करने का अनुरोध किया गया है। जब तक आवश्यक फाइलें नहीं मिलतीं, धर्गलिम की स्थिति अपरिवर्तित रहेगी और उसकी डिनोटिफिकेशन से जुड़ी किसी भी विकास योजना को रोकना पड़ेगा।
यह निर्णय भूमि‑उपयोग में बदलाव के प्रति बोर्ड के सतर्क रवैये को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य पारदर्शिता और राज्य के नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करना है।
यह स्थगन गुरुवार को आयोजित एक बैठक में घोषित किया गया, जहाँ सदस्यों ने बकाया कागजी कार्यवाही की समीक्षा की और दस्तावेज़ीकरण को पूरा करने के लिए आवेदकों को अतिरिक्त समय देने पर सहमति जताई। बोर्ड ने कहा कि बाद में कानूनी जटिलताओं से बचने के लिए प्रक्रियात्मक मानदंडों का पालन आवश्यक है।
स्थानीय प्रशासन और गांव के प्रतिनिधियों को बोर्ड के साथ सहयोग करने और दस्तावेज़ीकरण को तेज करने का अनुरोध किया गया है। जब तक आवश्यक फाइलें नहीं मिलतीं, धर्गलिम की स्थिति अपरिवर्तित रहेगी और उसकी डिनोटिफिकेशन से जुड़ी किसी भी विकास योजना को रोकना पड़ेगा।
यह निर्णय भूमि‑उपयोग में बदलाव के प्रति बोर्ड के सतर्क रवैये को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य पारदर्शिता और राज्य के नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करना है।