🔥 TRENDING Uttarakhand Releases 2026 NEET Toppers... UJS Employees Enter 11th Day of Strike... A2Z Taxcorp LLP Calls Same‑Day Adjudic... Newborn Found Dead in Harrai Public To... Rajasthan HC Opens Stenographer Recrui... Jaipur Police Crack Down on Fake Visa...
17 Jul 2026
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
दुल्हिन बाजार में नाले का निर्माण अधूरा

दुल्हिन बाजार में नाले का निर्माण अधूरा

✍️ Reporter: Ankit Raj 🗓 17 Jul 2026, 04:02 PM 👁 13

बच्चों और बुजुर्गों को आने-जाने में परेशानी, ग्रामीण आक्रोशीत

पटना जिला अंतर्गत दुल्हिन बाजार प्रखंड के सेलहौरी-बेलहौरी पंचायत में कराए गए नाला निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। पंचायत की मुखिया रेखा कुमारी की ओर से प्राथमिक मध्य विद्यालय, दुल्हिन बाजार की पिछली गली में डोमन साव के घर से झोपड़िया स्कूल तक नाला निर्माण कराया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं हुआ और इसे अधूरा छोड़ दिया गया। कहीं नाला जमीन से करीब दो फीट तो कहीं चार फीट तक ऊंचा बना दिया गया है, जिससे लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है।

स्थानीय निवासी गोलू कुमार ने बताया कि करीब एक माह पूर्व नाले का निर्माण कराया गया था। उस समय पंचायत प्रतिनिधियों ने भरोसा दिलाया था कि नाले के दोनों ओर मिट्टी भरकर गली को समतल कर दिया जाएगा, लेकिन अब तक ऐसा नहीं किया गया। उनका कहना है कि निर्माण के कुछ ही दिनों बाद कई स्थानों पर नाला में दरारें पड़ गई हैं, जिससे गंदा पानी रिसकर गलियों में फैल रहा है। इससे आसपास रहने वाले लोगों में संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।

ग्रामीण रामसुमारी देवी ने बताया कि सड़क से काफी ऊंचे बने नाले के कारण बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। उन्होंने पंचायत से अविलंब गली का निर्माण कार्य पूरा कर लोगों को राहत देने की मांग की।

कांति देवी ने आरोप लगाया कि उनके घर के सामने करीब चार फीट ऊंचा नाला बनाकर महीनों से छोड़ दिया गया है। अब रास्ता समतल करने के लिए स्वयं मिट्टी भरानी पड़ रही है, जिससे गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने पूरी गली को एक समान स्तर पर विकसित करने की मांग की।

इधर, मामले पर मुखिया प्रतिनिधि हरेकृष्णा कुशवाहा ने कहा कि नाला निर्माण कार्य स्वीकृत योजना एवं प्राक्कलन के अनुसार पूरा किया गया है। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों की सहमति से नाले को ऊंचा बनाया गया था, क्योंकि गली पहले काफी नीची थी। उस समय ग्रामीणों ने अपने-अपने घरों के सामने स्वयं मिट्टी भराई कराने की बात कही थी।
📲Get App