📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Melissa Clark at Flickr.
टेक्नोलॉजी
टाटा कम्युनिकेशंस और टाटा टेल बिजनेस सर्विसेज ने भारत के एसएमबी के लिए AI इन्फ्रास्ट्रक्चर लाया
✍️ WebWire
🗓 04 अग. 2026, 04:36 AM
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टाटा कम्युनिकेशंस और टाटा टेल बिजनेस सर्विसेज ने भारत के एसएमबी के लिए एकीकृत AI इन्फ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने हेतु साझेदारी की घोषणा की।
टाटा कम्युनिकेशंस और टाटा टेल बिजनेस सर्विसेज ने भारत के छोटे और मध्यम उद्यमों (एसएमबी) के लिए एकीकृत AI इन्फ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म शुरू करने हेतु साझेदारी की है। इस सहयोग में टाटा कम्युनिकेशंस की वैश्विक नेटवर्क और क्लाउड क्षमताओं को टाटा टेल बिजनेस सर्विसेज की प्रबंधित सेवाओं के अनुभव के साथ जोड़ा गया है।
यह प्लेटफॉर्म प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण, पूर्वानुमानात्मक विश्लेषण और स्वचालित वर्कफ़्लो टूल्स सहित AI सेवाओं का एक सूट प्रदान करेगा, जिसे एक ही सब्सक्रिप्शन मॉडल के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। इस केंद्रीकृत समाधान से एसएमबी को AI अपनाने में आने वाली तकनीकी और वित्तीय बाधाओं को कम करने का लक्ष्य है।
एसएमबी इस प्लेटफॉर्म का उपयोग ग्राहक जुड़ाव बढ़ाने, संचालन को सुव्यवस्थित करने और डेटा‑आधारित अंतर्दृष्टि प्राप्त करने के लिए कर सकते हैं, बिना बड़े AI विशेषज्ञता के। टाटा कम्युनिकेशंस और टाटा टेल बिजनेस सर्विसेज जोर देते हैं कि यह समाधान व्यवसाय के साथ बढ़ने के लिए बनाया गया है, जिससे कंपनियाँ बुनियादी AI कार्यों से शुरू करके धीरे‑धीरे अपनी क्षमताओं का विस्तार कर सकती हैं।
कंपनियाँ प्लेटफॉर्म को चरणबद्ध तरीके से रोल आउट करने की योजना बना रही हैं, जिसमें पायलट लॉन्च प्रमुख मेट्रो शहरों में तीसरी तिमाही 2024 के अंत तक और फिर पूरे देश में उपलब्धता शामिल है। यह पहल टाटा समूह की भारत की अर्थव्यवस्था में डिजिटल परिवर्तन को तेज करने की व्यापक रणनीति को दर्शाती है।
यह प्लेटफॉर्म प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण, पूर्वानुमानात्मक विश्लेषण और स्वचालित वर्कफ़्लो टूल्स सहित AI सेवाओं का एक सूट प्रदान करेगा, जिसे एक ही सब्सक्रिप्शन मॉडल के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। इस केंद्रीकृत समाधान से एसएमबी को AI अपनाने में आने वाली तकनीकी और वित्तीय बाधाओं को कम करने का लक्ष्य है।
एसएमबी इस प्लेटफॉर्म का उपयोग ग्राहक जुड़ाव बढ़ाने, संचालन को सुव्यवस्थित करने और डेटा‑आधारित अंतर्दृष्टि प्राप्त करने के लिए कर सकते हैं, बिना बड़े AI विशेषज्ञता के। टाटा कम्युनिकेशंस और टाटा टेल बिजनेस सर्विसेज जोर देते हैं कि यह समाधान व्यवसाय के साथ बढ़ने के लिए बनाया गया है, जिससे कंपनियाँ बुनियादी AI कार्यों से शुरू करके धीरे‑धीरे अपनी क्षमताओं का विस्तार कर सकती हैं।
कंपनियाँ प्लेटफॉर्म को चरणबद्ध तरीके से रोल आउट करने की योजना बना रही हैं, जिसमें पायलट लॉन्च प्रमुख मेट्रो शहरों में तीसरी तिमाही 2024 के अंत तक और फिर पूरे देश में उपलब्धता शामिल है। यह पहल टाटा समूह की भारत की अर्थव्यवस्था में डिजिटल परिवर्तन को तेज करने की व्यापक रणनीति को दर्शाती है।