📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Michael Gäbler
राजनीति
तमिलनाडु राउंडटेबल: एनईपी, हिंदी धक्का और दो‑भाषा सूत्र पर राजनीतिक टकराव
✍️ India Today
🗓 22 अग. 2026, 07:37 AM
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तमिलनाडु में आयोजित राउंडटेबल में एनईपी, हिंदी थोपने का आरोप और दो‑भाषा सूत्र पर चर्चा ने राज्य की राजनीति में तीखा टकराव पैदा किया।
तमिलनाडु के राजनीतिक नेताओं ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के कार्यान्वयन और स्कूलों में हिंदी थोपने के आरोपों पर चर्चा करने के लिए एक राउंडटेबल का आयोजन किया। प्रतिभागियों ने दो‑भाषा सूत्र को उजागर किया, जिसे वे तमिल और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को किनारे पर धकेलने वाला मानते हैं। चर्चा जल्दी ही पार्टियों के बीच टकराव में बदल गई, जहाँ विपक्ष ने शासक सरकार पर भाषाई विविधता को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि एनईपी सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने के साथ‑साथ क्षेत्रीय भाषा अधिकारों का सम्मान करता है, परन्तु इस बहस ने तमिलनाडु में गहरी भाषाई संवेदनाओं को उजागर किया। बैठक में कोई समझौता नहीं हुआ और पार्टियों ने आगे विरोध और विधायी कार्रवाई की घोषणा की।
बाद में, शासक और विपक्षी दोनों पक्षों के वरिष्ठ नेताओं ने राज्य सभा में इस मुद्दे को उठाने का इरादा जताया, ताकि शिक्षा में तमिल की प्रमुखता की रक्षा की जा सके। नागरिक समाज समूहों ने भी भाषा पाठ्यक्रम में किसी भी परिवर्तन की निगरानी करने का संकल्प लिया है।
यह घटना केंद्र सरकार की भाषा नीति और उन राज्यों के बीच चल रहे तनाव को दर्शाती है जो अपनी भाषाई विरासत को संरक्षित रखना चाहते हैं, और यह भारत में भविष्य की शिक्षा सुधारों को आकार दे सकती है।
बाद में, शासक और विपक्षी दोनों पक्षों के वरिष्ठ नेताओं ने राज्य सभा में इस मुद्दे को उठाने का इरादा जताया, ताकि शिक्षा में तमिल की प्रमुखता की रक्षा की जा सके। नागरिक समाज समूहों ने भी भाषा पाठ्यक्रम में किसी भी परिवर्तन की निगरानी करने का संकल्प लिया है।
यह घटना केंद्र सरकार की भाषा नीति और उन राज्यों के बीच चल रहे तनाव को दर्शाती है जो अपनी भाषाई विरासत को संरक्षित रखना चाहते हैं, और यह भारत में भविष्य की शिक्षा सुधारों को आकार दे सकती है।