स्थानीय
ताखा उर्फ सुकटिया में जलभराव और गंदगी से ग्रामीणों व छात्रों को कठिनाई
मुख्य सड़क पर एक साल से जलभराव और सफाई की कमी के कारण ग्रामीण व स्कूल जाने वाले बच्चों को रोज़ाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ताखा उर्फ सुकटिया गांव की मुख्य सड़क पर नालियों के चोक होने और निकासी के अभाव के कारण जलभराव और गंदगी की समस्या लगभग एक वर्ष से बनी हुई है, जिससे ग्रामीणों और राहगीरों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
गांव में नालियों की नियमित सफाई नहीं हो रही है और पानी के निकास का उचित इंतजाम नहीं किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप सड़क पर गंदा पानी जमा रहता है और साफ‑सफाई की व्यवस्था भी अनुपलब्ध है।
इस स्थिति से स्कूल जाने वाले बच्चों को भी विशेष कठिनाई होती है; वे पैदल या साइकिल से ब्योधन खुर्द स्थित स्कूल तक पहुँचते समय गंदे पानी और कीचड़ के बीच से गुजरते हैं, जिससे उनका आवागमन बाधित होता है।
ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत सचिव, खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) और अन्य संबंधित अधिकारियों को कई बार शिकायत की, परंतु एक साल बीतने के बाद भी कोई समाधान नहीं निकला, जिससे ग्रामीणों में नाराज़गी बढ़ी है।
रजनेश यादव, गुड्डू यादव, सरवन सिंह, दिनेश यादव, सौराज सिंह, सुभाष, किशन पाल, सूरज पाल, बहादुर आदि सहित कई ग्रामीणों ने जल निकासी, चोक नालियों की सफाई और नियमित साफ‑सफाई की व्यवस्था के त्वरित कार्य की मांग की है, ताकि ग्रामीणों व छात्रों को राहत मिल सके।
गांव में नालियों की नियमित सफाई नहीं हो रही है और पानी के निकास का उचित इंतजाम नहीं किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप सड़क पर गंदा पानी जमा रहता है और साफ‑सफाई की व्यवस्था भी अनुपलब्ध है।
इस स्थिति से स्कूल जाने वाले बच्चों को भी विशेष कठिनाई होती है; वे पैदल या साइकिल से ब्योधन खुर्द स्थित स्कूल तक पहुँचते समय गंदे पानी और कीचड़ के बीच से गुजरते हैं, जिससे उनका आवागमन बाधित होता है।
ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत सचिव, खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) और अन्य संबंधित अधिकारियों को कई बार शिकायत की, परंतु एक साल बीतने के बाद भी कोई समाधान नहीं निकला, जिससे ग्रामीणों में नाराज़गी बढ़ी है।
रजनेश यादव, गुड्डू यादव, सरवन सिंह, दिनेश यादव, सौराज सिंह, सुभाष, किशन पाल, सूरज पाल, बहादुर आदि सहित कई ग्रामीणों ने जल निकासी, चोक नालियों की सफाई और नियमित साफ‑सफाई की व्यवस्था के त्वरित कार्य की मांग की है, ताकि ग्रामीणों व छात्रों को राहत मिल सके।