📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Subhashish Panigrahi
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सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक सेवा के लिए 3‑साल नियम को 1 साल कर दिया
✍️ LawBeat
🗓 22 अग. 2026, 07:39 AM
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सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया कि अब न्यायिक सेवा के लिए पात्रता हेतु तीन साल के बजाय केवल एक साल का अभ्यास पर्याप्त होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक सेवा में प्रवेश के लिए आवश्यक अभ्यास अवधि को तीन साल से घटाकर एक साल कर दिया, यह निर्णय उच्च न्यायालय के एक बेंच द्वारा जारी किया गया। यह नियम सभी उन अभ्यर्थियों पर समान रूप से लागू होगा जो निचली अदालतों में पद के लिए आवेदन करते हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस परिवर्तन से योग्य उम्मीदवारों की संख्या बढ़ेगी और न्यायपालिका में मौजूदा रिक्तियों को कम करने में मदद मिलेगी। अभ्यास अवधि को घटाकर, कोर्ट भर्ती प्रक्रिया को तेज करने और नई ऊर्जा को न्यायिक प्रणाली में लाने का लक्ष्य रखता है।
अब आवेदकों को संबंधित परीक्षाओं में बैठने से पहले कम से कम एक साल के अभ्यास का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। यह कदम न्यायपालिका को अधिक सुलभ और राष्ट्रीय कानूनी आवश्यकताओं के प्रति उत्तरदायी बनाने की पूर्व सिफारिशों के अनुरूप है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस परिवर्तन से योग्य उम्मीदवारों की संख्या बढ़ेगी और न्यायपालिका में मौजूदा रिक्तियों को कम करने में मदद मिलेगी। अभ्यास अवधि को घटाकर, कोर्ट भर्ती प्रक्रिया को तेज करने और नई ऊर्जा को न्यायिक प्रणाली में लाने का लक्ष्य रखता है।
अब आवेदकों को संबंधित परीक्षाओं में बैठने से पहले कम से कम एक साल के अभ्यास का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। यह कदम न्यायपालिका को अधिक सुलभ और राष्ट्रीय कानूनी आवश्यकताओं के प्रति उत्तरदायी बनाने की पूर्व सिफारिशों के अनुरूप है।