🔥 ट्रेंडिंग फार्मर आई डी नही बनने के कारण किसान बी... પી.સી.પી.એન.ડી.ટી. એક્ટ રજિસ્ટર્ડ હોસ્... નેપાળમાં ત્રિશુલી નદીના વિનાશક પૂરમાં... सरस्वती शिशु मंदिर एचटीपीपी दर्री में... ધાંગધ્રા તાલુકાના વસાડવા ગામમાં જુગાર... On 1september.the sumo stand service a...
02 सित. 2026
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
NALSAR से IIT दिल्ली तक छात्रों का विरोध, शीर्ष संस्थानों में उभरी असंतुष्टि
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ted Shackelford
शिक्षा

NALSAR से IIT दिल्ली तक छात्रों का विरोध, शीर्ष संस्थानों में उभरी असंतुष्टि

✍️ India Today 🗓 01 सित. 2026, 04:31 AM 👁 10
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

NALSAR और IIT दिल्ली सहित कई प्रमुख संस्थानों में छात्रों ने शैक्षणिक व प्रशासनिक मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे कैंपस में बढ़ती असंतुष्टि स्पष्ट हुई।

भारत के कुछ शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों ने शैक्षणिक व प्रशासनिक मुद्दों को लेकर कैंपस में प्रदर्शन शुरू कर दिया है। NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ़ लॉ में छात्रों ने फीस में हालिया बढ़ोतरी और ग्रेडिंग मानदंडों की अस्पष्टता को लेकर प्रशासनिक इमारत के बाहर विरोध किया। इसी तरह IIT दिल्ली में इंजीनियरिंग छात्रों ने परीक्षा शेड्यूलिंग और कैंपस सुरक्षा में कमी को लेकर बैठकों का आयोजन किया।

इन विरोधों में शांतिपूर्ण रैलियां, बैठकों और ऑडिटोरियम व कैंटीन जैसे सामान्य क्षेत्रों को अस्थायी रूप से कब्जे में लेना शामिल रहा। दोनों संस्थानों के छात्रों ने उपकुलपति और निदेशकों को लिखित मांगें भेजी हैं, जिनमें फीस संरचना, मूल्यांकन पारदर्शिता और शिकायत निवारण तंत्र की स्पष्टता की माँग की गई है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन चिंताओं को स्वीकार किया है और अगले सप्ताह भीतर सभी पक्षों के साथ बैठक करने का वादा किया है। NALSAR के उपकुलपति ने फीस नीतियों की समीक्षा करने की प्रतिबद्धता जताई, जबकि IIT दिल्ली के निदेशक ने परीक्षा प्रक्रियाओं और सुरक्षा उपायों को सुधारने के ongoing प्रयासों को रेखांकित किया।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह असंतोष भारत के प्रमुख संस्थानों में बढ़ती छात्र सक्रियता का प्रतिबिंब है, जहाँ बढ़ती लागत और प्रशासनिक अस्पष्टता से निराशा बढ़ रही है। यह स्थिति नीति निर्माताओं के लिए चेतावनी स्वरूप है, क्योंकि लंबे समय तक चलने वाला विरोध शैक्षणिक कैलेंडर को बाधित कर सकता है और इन संस्थानों की प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकता है।

प्राधिकरणों ने शांति बनाए रखने और किसी भी शैक्षणिक व्यवधान को स्थापित संस्थागत चैनलों के माध्यम से सुलझाने का आह्वान किया है, साथ ही छात्रों की मांगों के ठोस समाधान के लिए बातचीत करने की तत्परता भी जताई है।
📲Get App