📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / The White House
बिज़नेस
स्थिरकॉइन नियमों को विस्तृत दायरे की जरूरत, पायनियर एज के विश्लेषण में
✍️ Pioneer Edge
🗓 16 सित. 2026, 12:16 PM
👁 14
पायनियर एज का मानना है कि भारत के मौजूदा स्थिरकॉइन नियम बहुत सीमित हैं और उन्हें अधिक टोकन प्रकारों व गतिविधियों को शामिल करने के लिए विस्तारित किया जाना चाहिए।
डिजिटल एसेट्स पर केंद्रित रिसर्च आउटलेट पायनियर एज ने एक विश्लेषण प्रकाशित किया है, जिसमें भारत में स्थिरकॉइन को नियंत्रित करने वाले नियमों को पर्याप्त रूप से व्यापक नहीं बताया गया है। यह टिप्पणी बताती है कि मौजूदा नियम मुख्यतः कुछ ही स्थिरकॉइन जारीकर्ताओं को ही कवर करते हैं, जिससे नए मॉडल और सीमा‑पार टोकनों के लिए संभावित अंतराल रह जाता है।
विश्लेषण में यह सुझाव दिया गया है कि नीति निर्माताओं को परिभाषाओं और निगरानी तंत्र को विस्तारित करके अधिक प्रकार की स्थिरकॉइन गतिविधियों को शामिल करना चाहिए, जिससे उपभोक्ता सुरक्षा और बाजार स्थिरता को बढ़ावा मिले। यह भी कहा गया है कि ऐसा व्यापक नियामक दायरा भारत की नीति को अंतरराष्ट्रीय मानकों के करीब ले जाएगा, हालांकि अभी तक कोई विशिष्ट विधायी प्रस्ताव नहीं दिया गया है।
वर्तमान में, भारतीय रिज़र्व बैंक या अन्य नियामक संस्थाओं से इस सुझाव पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है।
विश्लेषण में यह सुझाव दिया गया है कि नीति निर्माताओं को परिभाषाओं और निगरानी तंत्र को विस्तारित करके अधिक प्रकार की स्थिरकॉइन गतिविधियों को शामिल करना चाहिए, जिससे उपभोक्ता सुरक्षा और बाजार स्थिरता को बढ़ावा मिले। यह भी कहा गया है कि ऐसा व्यापक नियामक दायरा भारत की नीति को अंतरराष्ट्रीय मानकों के करीब ले जाएगा, हालांकि अभी तक कोई विशिष्ट विधायी प्रस्ताव नहीं दिया गया है।
वर्तमान में, भारतीय रिज़र्व बैंक या अन्य नियामक संस्थाओं से इस सुझाव पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है।