📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Olympia Wereko-Brobby
स्वास्थ्य
एसएमएस अस्पताल ने राजस्थान में पहली बार जटिल बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 15 सित. 2026, 08:46 PM
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जयपुर के एसएमएस अस्पताल ने एचएलए और मेजर एबीओ मिसमैच के साथ पहली जटिल बोन मैरो ट्रांसप्लांट कराकर 49 वर्षीय रोगी को नई जिंदगी दी।
एसएमएस अस्पताल ने राजस्थान में एचएलए मिसमैच और मेजर एबीओ मिसमैच के साथ पहली जटिल बोन मैरो ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक कराया।
49 वर्षीय रोगी, जो गंभीर रक्त विकार से पीड़ित था, पर यह ऑपरेशन किया गया। इस प्रक्रिया में दाता के मज्जा को रोगी के इम्यून प्रोफ़ाइल के साथ मिलाने के लिए विशेष ध्यान दिया गया। उच्च जोखिम के बावजूद, सर्जिकल टीम ने सफलतापूर्वक ग्राफ्ट को स्थापित किया और रोगी की स्थिति स्थिर कर दी।
पोस्ट‑ऑपरेटिव रिपोर्ट में दिखाया गया है कि रोगी की रक्त गणना सामान्य हो गई है और ग्राफ्ट रेजेक्शन के कोई संकेत नहीं हैं। ट्रांसप्लांट टीम ने उन्नत सपोर्टिव केयर प्रोटोकॉल की भूमिका पर प्रकाश डाला।
अस्पताल के अधिकारियों ने आशा व्यक्त की है कि यह उपलब्धि क्षेत्र में और जटिल ट्रांसप्लांट को संभव बनाएगी, जिससे रोगियों को दूरस्थ केंद्रों की यात्रा से बचाया जा सकेगा।
49 वर्षीय रोगी, जो गंभीर रक्त विकार से पीड़ित था, पर यह ऑपरेशन किया गया। इस प्रक्रिया में दाता के मज्जा को रोगी के इम्यून प्रोफ़ाइल के साथ मिलाने के लिए विशेष ध्यान दिया गया। उच्च जोखिम के बावजूद, सर्जिकल टीम ने सफलतापूर्वक ग्राफ्ट को स्थापित किया और रोगी की स्थिति स्थिर कर दी।
पोस्ट‑ऑपरेटिव रिपोर्ट में दिखाया गया है कि रोगी की रक्त गणना सामान्य हो गई है और ग्राफ्ट रेजेक्शन के कोई संकेत नहीं हैं। ट्रांसप्लांट टीम ने उन्नत सपोर्टिव केयर प्रोटोकॉल की भूमिका पर प्रकाश डाला।
अस्पताल के अधिकारियों ने आशा व्यक्त की है कि यह उपलब्धि क्षेत्र में और जटिल ट्रांसप्लांट को संभव बनाएगी, जिससे रोगियों को दूरस्थ केंद्रों की यात्रा से बचाया जा सकेगा।