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07 नव. 2026•
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सियांग बांध से अरुणाचल प्रदेश में स्थानीय समुदायों की मातृभूमि पर खतरा
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Dasfour2022
देश

सियांग बांध से अरुणाचल प्रदेश में स्थानीय समुदायों की मातृभूमि पर खतरा

✍️ The Hindu 🗓 07 नव. 2026, 01:20 PM 👁 17
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अरुणाचल प्रदेश में प्रस्तावित सियांग बांध से स्थानीय समुदायों की मातृभूमि खोने और विस्थापन का खतरा उत्पन्न हो रहा है।

अरुणाचल प्रदेश सरकार सियांग नदी पर बांध बनाने की योजना को आगे बढ़ा रही है। पर्यावरणीय मंजूरी के लिए आवेदन किया गया है, परंतु इस परियोजना ने स्थानीय जनजातीय समूहों में चिंता उत्पन्न कर दी है, जो अपने पूर्वजों की भूमि और बस्ती के डूबने का डर महसूस कर रहे हैं।
स्थानीय नेताओं का कहना है कि इस बांध से हजारों लोगों का विस्थापन हो सकता है, जिससे उनकी सांस्कृतिक और सामाजिक जड़ें कमजोर पड़ेंगी। वे पूर्ण पुनर्वास उपाय और विस्तृत प्रभाव मूल्यांकन की मांग कर रहे हैं।
प्राधिकरण इस परियोजना को क्षेत्र की विद्युत उत्पादन और बाढ़ नियंत्रण के लिए आवश्यक बताते हुए भी प्रभावित समुदायों के अधिकारों को संतुलित करने की आवश्यकता को स्वीकार कर रहे हैं। इस मुद्दे पर आगे की सरकारी दिशा‑निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है।
पर्यावरण संगठनों और नागरिक समाज ने पारदर्शी समीक्षा प्रक्रिया की मांग की है, ताकि विस्थापन को न्यूनतम किया जा सके और इस क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखा जा सके।
इस चर्चा का परिणाम सियांग बांध के भविष्य और नदी घाटी में रहने वाले लोगों के जीवन को निर्धारित करेगा।
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