📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
राजनीति
शिअद ने शुरू किया डोर‑टू‑डोर अभियान, तलवंडा साबो से शुरू होगी बस यात्रा
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 01 अक्टू. 2026, 11:46 PM
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शिअद ने चुनावी प्रचार के तहत डोर‑टू‑डोर अभियान और तलवंडा साबो से शुरू होने वाली बस यात्रा शुरू की है, जबकि 8 दिसंबर को मोगा में बड़े जनसभा की योजना बनी है।
शिअद (शिरोमणि अकाली दल) ने आज घोषणा की कि वह अपने चुनावी प्रचार को जमीनी स्तर पर डोर‑टू‑डोर अभियान से शुरू कर रहा है। पार्टी के कार्यकर्ता घर‑घर जाकर प्रचार सामग्री वितरित करेंगे और मतदाताओं की राय एकत्र करेंगे, ताकि आगामी चुनाव में अपनी स्थिति को मजबूत कर सकें।
इसी के साथ, तलवंडा साबो से एक बस यात्रा शुरू होगी, जिसमें वरिष्ठ नेता और समर्थक विभिन्न शहरों की ओर रवाना होंगे। यह यात्रा पार्टी की एकता को दर्शाने और आधार को उत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है।
इसके अलावा, 8 दिसंबर को मोगा के ऐतिहासिक गांव किल्ली चाहलां में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया जाएगा। यह सभा पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के जन्मदिन के अवसर पर रखी गई है, जिन्हें पार्टी में अत्यधिक सम्मान प्राप्त है, और बड़ी भीड़ की उम्मीद है।
पार्टी के अधिकारियों ने कहा कि डोर‑टू‑डोर और बस यात्रा दोनों ही पहलें ग्रामीण क्षेत्रों में शिअद की जड़ें मजबूत करने और मतदाताओं से सीधे जुड़ने के लिए हैं, जहाँ से पार्टी को पारंपरिक समर्थन मिलता है।
इन कदमों को पंजाब के राजनीतिक माहौल के तीव्र होते हुए परिदृश्य के बीच उठाया गया है, जहाँ कई दल अगले साल के विधानसभा चुनावों के लिए तैयारियों में जुटे हैं।
इसी के साथ, तलवंडा साबो से एक बस यात्रा शुरू होगी, जिसमें वरिष्ठ नेता और समर्थक विभिन्न शहरों की ओर रवाना होंगे। यह यात्रा पार्टी की एकता को दर्शाने और आधार को उत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है।
इसके अलावा, 8 दिसंबर को मोगा के ऐतिहासिक गांव किल्ली चाहलां में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया जाएगा। यह सभा पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के जन्मदिन के अवसर पर रखी गई है, जिन्हें पार्टी में अत्यधिक सम्मान प्राप्त है, और बड़ी भीड़ की उम्मीद है।
पार्टी के अधिकारियों ने कहा कि डोर‑टू‑डोर और बस यात्रा दोनों ही पहलें ग्रामीण क्षेत्रों में शिअद की जड़ें मजबूत करने और मतदाताओं से सीधे जुड़ने के लिए हैं, जहाँ से पार्टी को पारंपरिक समर्थन मिलता है।
इन कदमों को पंजाब के राजनीतिक माहौल के तीव्र होते हुए परिदृश्य के बीच उठाया गया है, जहाँ कई दल अगले साल के विधानसभा चुनावों के लिए तैयारियों में जुटे हैं।