📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Niti Aayog
सरकारी योजना
सेतु आयोग ने ‘विकसित उत्तराखण्ड‑2047’ विज़न दस्तावेज़ जारी करने की घोषणा
✍️ Pioneer Edge
🗓 24 अग. 2026, 11:32 PM
👁 5
सेतु आयोग ने उत्तराखण्ड के विकास के लिए 2047 तक का विस्तृत विज़न दस्तावेज़ जारी करने की घोषणा की।
राज्य आर्थिक एवं तकनीकी उन्नयन (सेतु) आयोग ने “विकसित उत्तराखण्ड‑2047” शीर्षक वाला एक रणनीतिक विज़न दस्तावेज़ जारी करने की पुष्टि की है। इस दस्तावेज़ में बुनियादी ढाँचा, पर्यटन, कृषि और पर्यावरणीय स्थिरता जैसे क्षेत्रों को सम्मिलित करते हुए उत्तराखण्ड के दीर्घकालिक विकास की रूपरेखा प्रस्तुत की जाएगी।
सेतु आयोग के अधिकारियों ने बताया कि यह दस्तावेज़ आगामी प्रेस ब्रीफ़िंग में प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें विस्तृत नीति सिफ़ारिशें और कार्यान्वयन ढाँचा बताया जाएगा। राज्य‑स्तरीय थिंक‑टैंक के रूप में यह एजेंसी डेटा‑आधारित मार्गदर्शन प्रदान कर उत्तराखण्ड सरकार को अगले दो दशकों के लिए दिशा‑निर्देश देने का लक्ष्य रखती है।
सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के हितधारकों से इस विज़न पर प्रतिक्रिया देने और उसे अंतिम रूप देने की उम्मीद है। यह पहल प्रदेश में आर्थिक विकास को तेज़ करने और नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने के व्यापक प्रयासों के साथ मेल खाती है।
विज़न दस्तावेज़ का जारी होना उत्तराखण्ड के भौगोलिक कठिनाइयों, कनेक्टिविटी और आपदा प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक योजना को औपचारिक रूप देने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
परामर्श प्रक्रिया के बाद इस वर्ष के अंत तक अंतिम संस्करण प्रकाशित किया जाएगा।
सेतु आयोग के अधिकारियों ने बताया कि यह दस्तावेज़ आगामी प्रेस ब्रीफ़िंग में प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें विस्तृत नीति सिफ़ारिशें और कार्यान्वयन ढाँचा बताया जाएगा। राज्य‑स्तरीय थिंक‑टैंक के रूप में यह एजेंसी डेटा‑आधारित मार्गदर्शन प्रदान कर उत्तराखण्ड सरकार को अगले दो दशकों के लिए दिशा‑निर्देश देने का लक्ष्य रखती है।
सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के हितधारकों से इस विज़न पर प्रतिक्रिया देने और उसे अंतिम रूप देने की उम्मीद है। यह पहल प्रदेश में आर्थिक विकास को तेज़ करने और नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने के व्यापक प्रयासों के साथ मेल खाती है।
विज़न दस्तावेज़ का जारी होना उत्तराखण्ड के भौगोलिक कठिनाइयों, कनेक्टिविटी और आपदा प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक योजना को औपचारिक रूप देने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
परामर्श प्रक्रिया के बाद इस वर्ष के अंत तक अंतिम संस्करण प्रकाशित किया जाएगा।