📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vice President's Secretariat
बिज़नेस
सावन त्योहार ने बढ़ाया 1.5 लाख करोड़ रुपये का स्थानीय सूक्ष्म-आर्थिक उछाल
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🗓 30 जुल. 2026, 09:41 PM
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सावन के दौरान मंदिर बाज़ार, मिठाई की दुकानें और सड़क विक्रेता पूरे भारत में रिकॉर्ड बिक्री दर्ज कर रहे हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये का योगदान हो रहा है।
सावन के महीने में लाखों भक्ति-यात्री भारत के मंदिरों में उमड़ते हैं, जिससे धार्मिक वस्तुओं, मिठाइयों और स्थानीय सेवाओं की मांग में तेज़ी आती है।
हालिया आँकड़ों के अनुसार, इस त्योहार का योगदान लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये है, जो लाखों तीर्थयात्रियों के सामूहिक खर्च को दर्शाता है।
सबसे स्पष्ट रूप से यह प्रभाव मंदिर बाज़ारों में दिखाई देता है, जहाँ धूप, माला और प्रसाद बेचने वाले स्टॉल होते हैं, और मिठाई की दुकानों में लड्डू और खीर जैसी पारंपरिक मिठाइयों के ऑर्डर में बढ़ोतरी होती है।
छोटे विक्रेताओं और शिल्पकारों के लिए, सावन आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन जाता है, जो अक्सर मौसमी बिक्री पर निर्भर परिवारों के जीवनयापन को सुनिश्चित करता है।
हालिया आँकड़ों के अनुसार, इस त्योहार का योगदान लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये है, जो लाखों तीर्थयात्रियों के सामूहिक खर्च को दर्शाता है।
सबसे स्पष्ट रूप से यह प्रभाव मंदिर बाज़ारों में दिखाई देता है, जहाँ धूप, माला और प्रसाद बेचने वाले स्टॉल होते हैं, और मिठाई की दुकानों में लड्डू और खीर जैसी पारंपरिक मिठाइयों के ऑर्डर में बढ़ोतरी होती है।
छोटे विक्रेताओं और शिल्पकारों के लिए, सावन आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन जाता है, जो अक्सर मौसमी बिक्री पर निर्भर परिवारों के जीवनयापन को सुनिश्चित करता है।