सात घंटे में पूरा होगा रायपुर से भोपाल का सफर, 15 हजार करोड़ की 6-लेन परियोजना से जबलपुर पहुंचेंगे चार घंटे में
छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के बीच सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए करीब 15 हजार करोड़ रुपये की बड़ी परियोजना प्रस्तावित है। जबलपुर-मंडला-छत्तीसगढ़ सीमा-कवर्धा-सिमगा-रायपुर मार्ग को 6-लेन कॉरिडोर के रूप में विकसित करने और भोपाल-जबलपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है। परियोजना पूरी होने पर रायपुर से भोपाल का सफर करीब 6 से 7 घंटे और रायपुर से जबलपुर का सफर लगभग 3.5 से 4 घंटे में पूरा होने की उम्मीद है।
रायपुर | 13 अगस्त 2026
रिपोर्ट: पंकज साहू
सिटीजन रिपोर्टर | Need24 News
अंबिकापुर, सरगुजा (छत्तीसगढ़)
छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के बीच सड़क संपर्क को नई रफ्तार देने वाली बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना की तैयारी है। प्रस्तावित करीब 15 हजार करोड़ रुपये की परियोजना के तहत भोपाल-जबलपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे तथा जबलपुर-मंडला-छत्तीसगढ़ सीमा-कवर्धा-सिमगा-रायपुर 6-लेन कॉरिडोर को विकसित करने की योजना है।
भोपाल से रायपुर का सफर होगा कम
वर्तमान में सड़क मार्ग से भोपाल से रायपुर पहुंचने में करीब 14 से 15 घंटे लगते हैं। प्रस्तावित कॉरिडोर तैयार होने के बाद यह यात्रा घटकर लगभग 6 से 7 घंटे रह जाने की उम्मीद है। इससे दोनों राज्यों के बीच यात्री आवागमन के साथ व्यापार और माल परिवहन को भी गति मिलने की संभावना है।
भोपाल से रायपुर तक किन क्षेत्रों से गुजरेगा मार्ग
प्रस्तावित ग्रीनफील्ड कॉरिडोर मध्य प्रदेश में भोपाल, सागर, दमोह, जबलपुर और मंडला को जोड़ते हुए छत्तीसगढ़ की सीमा तक पहुंचेगा। इसके बाद छत्तीसगढ़ में कवर्धा, बेमेतरा और सिमगा होते हुए रायपुर से कनेक्टिविटी बनाने की योजना है।
रायपुर से जबलपुर का सफर भी होगा तेज
परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा जबलपुर से मंडला होते हुए छत्तीसगढ़ सीमा, चिल्पीघाटी, कवर्धा और सिमगा की ओर जाने वाला मार्ग है। इसे 6-लेन कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके तैयार होने के बाद रायपुर से जबलपुर की यात्रा का समय मौजूदा करीब 7 से 8 घंटे से घटकर लगभग 3.5 से 4 घंटे रह सकता है।
करीब 2,500 करोड़ रुपये के हिस्से का भी प्रस्ताव
जबलपुर से छत्तीसगढ़ सीमा होते हुए कवर्धा-सिमगा-रायपुर तक के मार्ग को 6-लेन में विकसित करने के लिए करीब 2,500 करोड़ रुपये की लागत की जानकारी सामने आई है। यह मार्ग दोनों राज्यों के बीच महत्वपूर्ण व्यापारिक और परिवहन संपर्क के रूप में विकसित हो सकता है।
व्यापार और पर्यटन को भी फायदा
बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से रायपुर, कवर्धा, जबलपुर, सागर और भोपाल जैसे शहरों के बीच माल परिवहन आसान होने की उम्मीद है। इससे लॉजिस्टिक्स समय और लागत में कमी आने के साथ औद्योगिक एवं व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
पर्यटन के लिहाज से भी यह कॉरिडोर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन और वन्यजीव क्षेत्रों तक छत्तीसगढ़ से पहुंच आसान होने की संभावना है।
परियोजना अभी निर्माणाधीन नहीं
फिलहाल इसे एक प्रस्तावित/स्वीकृत इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना के रूप में देखा जा रहा है। संबंधित परियोजनाओं के लिए डीपीआर और आगे की प्रक्रिया की तैयारी की जानकारी सामने आई है। इसलिए यात्रा समय और लागत से जुड़े आंकड़े परियोजना के पूरा होने के बाद अनुमानित लाभ हैं, अंतिम परिचालन आंकड़े नहीं।
— Need24 News Desk
रिपोर्ट: पंकज साहू
सिटीजन रिपोर्टर | Need24 News
अंबिकापुर, सरगुजा (छत्तीसगढ़)
छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के बीच सड़क संपर्क को नई रफ्तार देने वाली बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना की तैयारी है। प्रस्तावित करीब 15 हजार करोड़ रुपये की परियोजना के तहत भोपाल-जबलपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे तथा जबलपुर-मंडला-छत्तीसगढ़ सीमा-कवर्धा-सिमगा-रायपुर 6-लेन कॉरिडोर को विकसित करने की योजना है।
भोपाल से रायपुर का सफर होगा कम
वर्तमान में सड़क मार्ग से भोपाल से रायपुर पहुंचने में करीब 14 से 15 घंटे लगते हैं। प्रस्तावित कॉरिडोर तैयार होने के बाद यह यात्रा घटकर लगभग 6 से 7 घंटे रह जाने की उम्मीद है। इससे दोनों राज्यों के बीच यात्री आवागमन के साथ व्यापार और माल परिवहन को भी गति मिलने की संभावना है।
भोपाल से रायपुर तक किन क्षेत्रों से गुजरेगा मार्ग
प्रस्तावित ग्रीनफील्ड कॉरिडोर मध्य प्रदेश में भोपाल, सागर, दमोह, जबलपुर और मंडला को जोड़ते हुए छत्तीसगढ़ की सीमा तक पहुंचेगा। इसके बाद छत्तीसगढ़ में कवर्धा, बेमेतरा और सिमगा होते हुए रायपुर से कनेक्टिविटी बनाने की योजना है।
रायपुर से जबलपुर का सफर भी होगा तेज
परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा जबलपुर से मंडला होते हुए छत्तीसगढ़ सीमा, चिल्पीघाटी, कवर्धा और सिमगा की ओर जाने वाला मार्ग है। इसे 6-लेन कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके तैयार होने के बाद रायपुर से जबलपुर की यात्रा का समय मौजूदा करीब 7 से 8 घंटे से घटकर लगभग 3.5 से 4 घंटे रह सकता है।
करीब 2,500 करोड़ रुपये के हिस्से का भी प्रस्ताव
जबलपुर से छत्तीसगढ़ सीमा होते हुए कवर्धा-सिमगा-रायपुर तक के मार्ग को 6-लेन में विकसित करने के लिए करीब 2,500 करोड़ रुपये की लागत की जानकारी सामने आई है। यह मार्ग दोनों राज्यों के बीच महत्वपूर्ण व्यापारिक और परिवहन संपर्क के रूप में विकसित हो सकता है।
व्यापार और पर्यटन को भी फायदा
बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से रायपुर, कवर्धा, जबलपुर, सागर और भोपाल जैसे शहरों के बीच माल परिवहन आसान होने की उम्मीद है। इससे लॉजिस्टिक्स समय और लागत में कमी आने के साथ औद्योगिक एवं व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
पर्यटन के लिहाज से भी यह कॉरिडोर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन और वन्यजीव क्षेत्रों तक छत्तीसगढ़ से पहुंच आसान होने की संभावना है।
परियोजना अभी निर्माणाधीन नहीं
फिलहाल इसे एक प्रस्तावित/स्वीकृत इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना के रूप में देखा जा रहा है। संबंधित परियोजनाओं के लिए डीपीआर और आगे की प्रक्रिया की तैयारी की जानकारी सामने आई है। इसलिए यात्रा समय और लागत से जुड़े आंकड़े परियोजना के पूरा होने के बाद अनुमानित लाभ हैं, अंतिम परिचालन आंकड़े नहीं।
— Need24 News Desk