सरकारी नाले का भारत करवा जा रहा है उसे जमींन को भूमाफिया. द्वारा बेचा जाएगा
सरकारी नाली के ऊपर एक मकान बनाकर बेच भी दिया गया भुमाफियाओं द्वारा
जयपुर के मोती नगर, खो नागोरियान में सरकारी नाले पर कथित अवैध अतिक्रमण, जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल
जयपुर। राजधानी जयपुर के खो नागोरियान क्षेत्र स्थित मोती नगर में सरकारी नाले पर कथित अवैध अतिक्रमण का मामला सामने आया है। स्थानीय स्तर पर लगाए जा रहे आरोपों के अनुसार, जयपुर शहर का गंदा पानी बाहर निकालने वाले सरकारी नाले पर अतिक्रमण कर निर्माण कार्य किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि नाले के ऊपर चादर डालकर एक मकाननुमा ढांचा भी तैयार कर दिया गया है।
इस मामले ने सरकारी भूमि की सुरक्षा और संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि सरकारी नाले पर बिना अनुमति निर्माण किया जा रहा है, तो यह जांच का विषय है कि आखिर यह निर्माण किसकी अनुमति से हो रहा है और संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी है या नहीं।
नाले पर अतिक्रमण से जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका
सरकारी नाले शहर की जल निकासी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। ऐसे में नाले के ऊपर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण होने से पानी के बहाव में रुकावट, जलभराव और आसपास के क्षेत्रों में परेशानी की आशंका पैदा हो सकती है। संबंधित विभागों को मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच करनी चाहिए।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों की मांग है कि नगर निगम, जेडीए और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी मोती नगर, खो नागोरियान स्थित सरकारी नाले का तत्काल निरीक्षण करें। नाले की सरकारी सीमा और निर्माण की वैधता की जांच कराई जाए। यदि अतिक्रमण की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा यह भी स्पष्ट किया जाए कि निर्माण कार्य के दौरान जिम्मेदार अधिकारियों ने क्या कदम उठाए।
राजधानी जयपुर में सरकारी जमीन और नालों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदा�
जयपुर। राजधानी जयपुर के खो नागोरियान क्षेत्र स्थित मोती नगर में सरकारी नाले पर कथित अवैध अतिक्रमण का मामला सामने आया है। स्थानीय स्तर पर लगाए जा रहे आरोपों के अनुसार, जयपुर शहर का गंदा पानी बाहर निकालने वाले सरकारी नाले पर अतिक्रमण कर निर्माण कार्य किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि नाले के ऊपर चादर डालकर एक मकाननुमा ढांचा भी तैयार कर दिया गया है।
इस मामले ने सरकारी भूमि की सुरक्षा और संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि सरकारी नाले पर बिना अनुमति निर्माण किया जा रहा है, तो यह जांच का विषय है कि आखिर यह निर्माण किसकी अनुमति से हो रहा है और संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी है या नहीं।
नाले पर अतिक्रमण से जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका
सरकारी नाले शहर की जल निकासी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। ऐसे में नाले के ऊपर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण होने से पानी के बहाव में रुकावट, जलभराव और आसपास के क्षेत्रों में परेशानी की आशंका पैदा हो सकती है। संबंधित विभागों को मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच करनी चाहिए।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों की मांग है कि नगर निगम, जेडीए और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी मोती नगर, खो नागोरियान स्थित सरकारी नाले का तत्काल निरीक्षण करें। नाले की सरकारी सीमा और निर्माण की वैधता की जांच कराई जाए। यदि अतिक्रमण की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा यह भी स्पष्ट किया जाए कि निर्माण कार्य के दौरान जिम्मेदार अधिकारियों ने क्या कदम उठाए।
राजधानी जयपुर में सरकारी जमीन और नालों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदा�