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चीनी की कीमत बढ़ने से चाय की मिठास और इथेनॉल आपूर्ति पर असर
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / This Photo was taken by Timothy A. Gonsalves. Fee
कृषि

चीनी की कीमत बढ़ने से चाय की मिठास और इथेनॉल आपूर्ति पर असर

✍️ facebook.com 🗓 22 अग. 2026, 03:40 PM 👁 50
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चीनी की महँगी कीमतों से चाय की मि�ास घट रही है और इथेनॉल ब्लेंडिंग पर दबाव बढ़ रहा है।

भारत में हाल ही में चीनी की कीमतों में तेज़ी आई है, जिससे खाद्य और ईंधन दोनों क्षेत्रों में चिंता बढ़ी है। यह वृद्धि सीमित गन्ने की फसल और बढ़ते उत्पादन लागत से जुड़ी है, जिससे शुद्ध चीनी की खुदरा कीमत में उछाल आया है।

चाय निर्माताओं ने बताया कि बढ़ती लागत के कारण वे चाय में मिलाने वाले चीनी की मात्रा घटा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं को पैकेज्ड चाय पेय में सामान्य मिठास में हल्की कमी महसूस हो सकती है।

गन्ना एक दोहरा फसल है—यह चीनी और इथेनॉल दोनों देता है, जहाँ इथेनॉल को पेट्रोल में ब्लेंड किया जाता है। चीनी की कीमतों में दबाव इथेनॉल उत्पादन को भी प्रभावित कर सकता है, जिससे इथेनॉल‑ईंधन ब्लेंडिंग योजना के लिए आपूर्ति में कमी आ सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चीनी की कीमतें लगातार ऊँची रही तो गन्ने के उपयोग को खाद्य और ईंधन के बीच पुनः संतुलित करना पड़ेगा, जिसका असर चाय उद्योग और देश के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों दोनों पर पड़ेगा।
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