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19 सित. 2026
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बढ़ती सोने की कीमतों से गुजरात के विश्वविद्यालयों की स्वर्ण पदक पर असर
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / This Photo was taken by Timothy A. Gonsalves. Fee
शिक्षा

बढ़ती सोने की कीमतों से गुजरात के विश्वविद्यालयों की स्वर्ण पदक पर असर

✍️ The Times of India 🗓 19 सित. 2026, 05:36 AM 👁 14
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बढ़ती सोने की कीमतों के कारण गुजरात के विश्वविद्यालयों में शीर्ष छात्रों को मिलने वाले स्वर्ण पदक महंगे होते जा रहे हैं, जिससे संस्थानों को इस प्रथा पर पुनर्विचार करना पड़ रहा है।

हाल ही में वैश्विक बाजार की हलचल और घरेलू माँग में वृद्धि के कारण सोने की कीमतें तेज़ी से बढ़ी हैं, जिससे कच्चे सोने की लागत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस उछाल का असर उन क्षेत्रों पर भी पड़ता है जहाँ पारंपरिक रूप से सोने का उपयोग किया जाता है, जैसे कि उत्कृष्ट छात्रों को स्वर्ण पदक देना।

गुजरात के कई राज्य और निजी विश्वविद्यालय अभी भी विभिन्न विषयों में शीर्ष छात्रों को स्वर्ण पदक प्रदान करने की पुरानी परंपरा जारी रखते हैं। सोने की कीमत में इस तेज़ बढ़ोतरी के कारण इन पदकों का निर्माण महंगा हो गया है, जिससे सीमित शैक्षणिक बजट पर दबाव बढ़ गया है।

विश्वविद्यालयों के प्रबंधन अब विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, जैसे कि चांदी, मिश्र धातु या विशेष रूप से तैयार किए गए कंपोज़िट पदकों का उपयोग, ताकि सम्मान की प्रतीकात्मकता बनी रहे और लागत कम हो सके। कुछ संस्थान कुछ श्रेणियों के लिए ही स्वर्ण पदक जारी रख सकते हैं, परंतु कुल मिलाकर बढ़ती सोने की कीमतों के मद्देनज़र शैक्षणिक उपलब्धियों को सम्मानित करने के तरीके में बदलाव की संभावना है।
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