📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Amit Sen
अपराध
शिवपुरी में रिटायर्ड शिक्षक की ₹3.40 लाख की साइबर ठगी, APK डाउनलोड करने से हुआ खाता हैक
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 01 नव. 2026, 07:45 PM
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शिवपुरी के रिटायर्ड शिक्षक ने बताया कि व्हाट्सएप से एक संदिग्ध APK डाउनलोड करने पर उनके खाते से 3.40 लाख रुपये निकाले गए, और 19 दिन बाद ही पुलिस में एफआईआर दर्ज हुई।
शिवपुरी, मध्य प्रदेश – रिटायर्ड शिक्षक कैलाश सोनी को व्हाट्सएप पर भेजी गई एक साधारण APK फ़ाइल डाउनलोड करने के बाद साइबर ठगी का शिकार बनना पड़ा। फ़ाइल इंस्टॉल होते ही उनका मोबाइल हैक हो गया और बिना OTP के उनके बैंक खाते से 3.40 लाख रुपये निकाले गए।
यह दुर्भावनापूर्ण एप्लिकेशन एक बैंकिंग ट्रोजन के रूप में कार्य करता है, जो उपयोगकर्ता की लॉगिन जानकारी चुराकर पृष्ठभूमि में लेन‑देन को अधिकृत कर देता है। ऐसे धोखाधड़ी वाले फ़ाइलें अक्सर मैसेजिंग ऐप्स के भरोसे का फ़ायदा उठाती हैं।
धन की कमी का पता चलने पर सोनी ने पुलिस में शिकायत दर्ज की, लेकिन उन्होंने बताया कि एफआईआर दर्ज करने में 19 दिन की देरी हुई। अंततः शिकायत दर्ज की गई और अब अधिकारियों द्वारा संदिग्धों की पहचान और धन की वसूली के लिए प्रारम्भिक जांच चल रही है।
साइबर‑क्राइम विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे ठगी के मामले पूरे भारत में बढ़ रहे हैं, इसलिए अनजान स्रोतों से फ़ाइलें डाउनलोड न करने और बैंकिंग ऐप में दो‑स्तरीय प्रमाणीकरण (2FA) सक्रिय रखने की सलाह दी जाती है।
यह दुर्भावनापूर्ण एप्लिकेशन एक बैंकिंग ट्रोजन के रूप में कार्य करता है, जो उपयोगकर्ता की लॉगिन जानकारी चुराकर पृष्ठभूमि में लेन‑देन को अधिकृत कर देता है। ऐसे धोखाधड़ी वाले फ़ाइलें अक्सर मैसेजिंग ऐप्स के भरोसे का फ़ायदा उठाती हैं।
धन की कमी का पता चलने पर सोनी ने पुलिस में शिकायत दर्ज की, लेकिन उन्होंने बताया कि एफआईआर दर्ज करने में 19 दिन की देरी हुई। अंततः शिकायत दर्ज की गई और अब अधिकारियों द्वारा संदिग्धों की पहचान और धन की वसूली के लिए प्रारम्भिक जांच चल रही है।
साइबर‑क्राइम विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे ठगी के मामले पूरे भारत में बढ़ रहे हैं, इसलिए अनजान स्रोतों से फ़ाइलें डाउनलोड न करने और बैंकिंग ऐप में दो‑स्तरीय प्रमाणीकरण (2FA) सक्रिय रखने की सलाह दी जाती है।