📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Lewis Hine
बिज़नेस
रेन्यू पावर ने महाराष्ट्र के साथ 70,000 करोड़ रुपये के ग्रीन डेटा सेंटर पार्क के लिए समझौता किया
✍️ Business Standard
🗓 09 अक्टू. 2026, 02:01 AM
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रेन्यू पावर ने महाराष्ट्र सरकार के साथ 70,000 करोड़ रुपये के मूल्य वाले ग्रीन डेटा सेंटर पार्क के विकास के लिए समझौता किया, जिससे राज्य में सतत डिजिटल बुनियादी ढांचा मजबूत होगा।
रेन्यू पावर, भारत की प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों में से एक, ने महाराष्ट्र राज्य सरकार के साथ एक बड़े ग्रीन डेटा‑सेंटर पार्क के निर्माण के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस परियोजना का अनुमानित मूल्य 70,000 करोड़ रुपये है और यह नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से चलने वाली कम‑कार्बन बुनियादी ढांचा बनाने पर केंद्रित होगी।
समझौते में भूमि आवंटन, नियामक मंजूरी और निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन जैसी सहयोगी व्यवस्थाएँ शामिल हैं। महाराष्ट्र इस पहल के माध्यम से सतत प्रौद्योगिकी सेवाओं का हब बनना चाहता है, जो उसके व्यापक जलवायु‑कार्यक्रम के साथ मेल खाता है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह पार्क बड़ी संख्या में रोजगार सृजित करेगा और कूलिंग समाधान, फाइबर नेटवर्क और डेटा‑एनालिटिक्स जैसी सहायक उद्योगों को बढ़ावा देगा। नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों का डेटा‑सेंटर संचालन में विविधीकरण भारत की बढ़ती डिजिटल मांग को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
परियोजना का कार्यान्वयन इस वर्ष के अंत में शुरू होने की संभावना है, जबकि विस्तृत योजना महाराष्ट्र की औद्योगिक विकास प्राधिकरण को प्रस्तुत की जाएगी। यह पहल देश भर में पर्यावरण‑अनुकूल डेटा‑सेंटर विकास के लिए एक मानक स्थापित करने की उम्मीद है।
समझौते में भूमि आवंटन, नियामक मंजूरी और निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन जैसी सहयोगी व्यवस्थाएँ शामिल हैं। महाराष्ट्र इस पहल के माध्यम से सतत प्रौद्योगिकी सेवाओं का हब बनना चाहता है, जो उसके व्यापक जलवायु‑कार्यक्रम के साथ मेल खाता है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह पार्क बड़ी संख्या में रोजगार सृजित करेगा और कूलिंग समाधान, फाइबर नेटवर्क और डेटा‑एनालिटिक्स जैसी सहायक उद्योगों को बढ़ावा देगा। नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों का डेटा‑सेंटर संचालन में विविधीकरण भारत की बढ़ती डिजिटल मांग को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
परियोजना का कार्यान्वयन इस वर्ष के अंत में शुरू होने की संभावना है, जबकि विस्तृत योजना महाराष्ट्र की औद्योगिक विकास प्राधिकरण को प्रस्तुत की जाएगी। यह पहल देश भर में पर्यावरण‑अनुकूल डेटा‑सेंटर विकास के लिए एक मानक स्थापित करने की उम्मीद है।