📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Meow
मौसम
अंध्र प्रदेश के पाँच जिलों में साइक्लोन मुरासु के कारण रेड अलर्ट जारी
✍️ The Hindu
🗓 01 नव. 2026, 07:49 PM
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भारत मौसम विभाग ने साइक्लोन मुरासु के करीब आने पर अंध्र प्रदेश के पाँच जिलों को रेड अलर्ट में डाल दिया, जिससे अर्नब के बाद नई चिंता उत्पन्न हुई।
भारत मौसम विभाग ने मंगलवार को अंध्र प्रदेश के पाँच जिलों – श्रीकाकुलम, विजयनगर, विशाखापत्तनम, ईस्ट गोदावरी और वेस्ट गोदावरी – को रेड अलर्ट में डाल दिया, क्योंकि साइक्लोन मुरासु बंगाल की खाड़ी में पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। यह अलर्ट अगले ४८ घंटों में भारी बारिश और तेज़ हवाओं की संभावना को दर्शाता है।
मुरासु को एक गंभीर साइक्लोन के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जिसकी सतत गति ९०‑११० किमी/घंटा और तेज़ी से १४० किमी/घंटा से अधिक तक पहुँचने की संभावना है। अर्नब साइक्लोन के बाद इस क्षेत्र में फिर से तूफ़ान का खतरा बढ़ गया है, जिससे लोग बाढ़ और क्षति के प्रति सतर्क हैं।
राज्य प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को सक्रिय किया है, निचले इलाकों और तटीय बस्तियों में अग्रिम निकासी का आदेश दिया है और राहत शेल्टर स्थापित किए हैं, जहाँ भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। जिला कलेक्टरों ने मछुआरों को जहाज़ से बाहर रहने और स्कूलों को अलर्ट हटने तक बंद रखने का निर्देश दिया है।
मौसम विज्ञानी चेतावनी देते हैं कि उच्च ज्वार और तीव्र वर्षा के कारण नदियों में जलस्तर बढ़ सकता है और कमजोर बांध टूट सकते हैं। नागरिकों से अपील है कि वे घर के अंदर रहें, ढीले सामान सुरक्षित रखें और स्थानीय अधिकारियों व विभाग के हेल्पलाइन से实时 जानकारी लेते रहें।
मुरासु को एक गंभीर साइक्लोन के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जिसकी सतत गति ९०‑११० किमी/घंटा और तेज़ी से १४० किमी/घंटा से अधिक तक पहुँचने की संभावना है। अर्नब साइक्लोन के बाद इस क्षेत्र में फिर से तूफ़ान का खतरा बढ़ गया है, जिससे लोग बाढ़ और क्षति के प्रति सतर्क हैं।
राज्य प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को सक्रिय किया है, निचले इलाकों और तटीय बस्तियों में अग्रिम निकासी का आदेश दिया है और राहत शेल्टर स्थापित किए हैं, जहाँ भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। जिला कलेक्टरों ने मछुआरों को जहाज़ से बाहर रहने और स्कूलों को अलर्ट हटने तक बंद रखने का निर्देश दिया है।
मौसम विज्ञानी चेतावनी देते हैं कि उच्च ज्वार और तीव्र वर्षा के कारण नदियों में जलस्तर बढ़ सकता है और कमजोर बांध टूट सकते हैं। नागरिकों से अपील है कि वे घर के अंदर रहें, ढीले सामान सुरक्षित रखें और स्थानीय अधिकारियों व विभाग के हेल्पलाइन से实时 जानकारी लेते रहें।