रामगढ़ में टीवी मरीजों को 75 पोषण किट दी गई मरीज को किट देने का लक्ष्य हर महीने ₹1000 आर्थिक मदद भी
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रामगढ़ में टीबी मरीजों को 75 पोषण किट दी गई: 325 मरीजों को किट देने का लक्ष्य, हर महीने 1 हजार रुपए आर्थिक मदद भी
राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी निक्षय संबल योजना के तहत शनिवार को रामगढ़ के उप जिला अस्पताल में टीबी मुक्त राजस्थान अभियान के अंतर्गत मरीजों को पोषण किट वितरित की गईं। एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस लिमिटेड की ओर से कुल 75 टीबी मरीजों को ये पोषण किट प्रदान की गईं।
इन किटों में फॉर्च्यून कंपनी का तेल, प्रोटीन युक्त खाद्य सामग्री, दालें और पोषण सप्लिमेंट शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत कुल 325 मरीजों को किट देने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीएमएचओ डॉ. योगेन्द्र शर्मा ने बताया- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार जनस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि राजस्थान निक्षय संबल योजना का उद्देश्य है कि कोई भी टीबी मरीज भूखा या कुपोषित न रहे।
किट के साथ हर महीने 1 हजार रुपए
राज्य सरकार मरीजों को पोषण किट के साथ-साथ हर महीने 1000 रुपए की आर्थिक सहायता भी सीधे उनके खाते में भेज रही है, जिसमें प्रारंभिक चरण में 3000 रुपए की एकमुश्त राशि दी जाती है। डॉ. शर्मा ने आगे कहा कि टीबी एक ऐसी बीमारी है जिसे उचित उपचार, नियमित दवा और पोषण के जरिए पूरी तरह खत्म किया जा सकता है।अलवर की 115 ग्राम पंचायत टीबी मुक्त
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2027 तक राजस्थान को पूरी तरह टीबी मुक्त राज्य घोषित किया जाए। उन्होंने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकारी प्रयासों के साथ-साथ समाज की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया। डॉ. शर्मा ने जानकारी दी कि अलवर जिले की अब तक 115 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित हो चुकी हैं, और अब रामगढ़ क्षेत्र की सभी पंचायतों को भी टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य है।
इस अवसर पर एडब्ल्यूएल एग्री लिमिटेड कंपनी के कारखाना प्रमुख श्री शिव कुमार शाक्या, मानव संसाधन प्रमुख श्री सुधीर चांदना, जितेन्द्र यादव, डॉ. प्राची श्रीवास्तव, प्रमित पुरोहित, शीश राम और पूजा फड़ सहित अन्य पदाधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में मरीजों को सही खानपान, समय पर दवा सेवन और नियमित
जांच के लिए प्रेरित किया गया।
इस कार्यक्रम में अलवर के सीएमएचओ डॉ. योगेन्द्र शर्मा, डीटीओ डॉ. अजीत सिंह, बीसीएमओ डॉ. अमित राठौड़, चिकित्सा प्रभारी डॉ. बाबूलाल यादव और एसटीएस ओमप्रकाश जेसवाल उपस्थित रहे।
राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी निक्षय संबल योजना के तहत शनिवार को रामगढ़ के उप जिला अस्पताल में टीबी मुक्त राजस्थान अभियान के अंतर्गत मरीजों को पोषण किट वितरित की गईं। एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस लिमिटेड की ओर से कुल 75 टीबी मरीजों को ये पोषण किट प्रदान की गईं।
इन किटों में फॉर्च्यून कंपनी का तेल, प्रोटीन युक्त खाद्य सामग्री, दालें और पोषण सप्लिमेंट शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत कुल 325 मरीजों को किट देने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीएमएचओ डॉ. योगेन्द्र शर्मा ने बताया- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार जनस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि राजस्थान निक्षय संबल योजना का उद्देश्य है कि कोई भी टीबी मरीज भूखा या कुपोषित न रहे।
किट के साथ हर महीने 1 हजार रुपए
राज्य सरकार मरीजों को पोषण किट के साथ-साथ हर महीने 1000 रुपए की आर्थिक सहायता भी सीधे उनके खाते में भेज रही है, जिसमें प्रारंभिक चरण में 3000 रुपए की एकमुश्त राशि दी जाती है। डॉ. शर्मा ने आगे कहा कि टीबी एक ऐसी बीमारी है जिसे उचित उपचार, नियमित दवा और पोषण के जरिए पूरी तरह खत्म किया जा सकता है।अलवर की 115 ग्राम पंचायत टीबी मुक्त
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2027 तक राजस्थान को पूरी तरह टीबी मुक्त राज्य घोषित किया जाए। उन्होंने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकारी प्रयासों के साथ-साथ समाज की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया। डॉ. शर्मा ने जानकारी दी कि अलवर जिले की अब तक 115 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित हो चुकी हैं, और अब रामगढ़ क्षेत्र की सभी पंचायतों को भी टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य है।
इस अवसर पर एडब्ल्यूएल एग्री लिमिटेड कंपनी के कारखाना प्रमुख श्री शिव कुमार शाक्या, मानव संसाधन प्रमुख श्री सुधीर चांदना, जितेन्द्र यादव, डॉ. प्राची श्रीवास्तव, प्रमित पुरोहित, शीश राम और पूजा फड़ सहित अन्य पदाधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में मरीजों को सही खानपान, समय पर दवा सेवन और नियमित
जांच के लिए प्रेरित किया गया।
इस कार्यक्रम में अलवर के सीएमएचओ डॉ. योगेन्द्र शर्मा, डीटीओ डॉ. अजीत सिंह, बीसीएमओ डॉ. अमित राठौड़, चिकित्सा प्रभारी डॉ. बाबूलाल यादव और एसटीएस ओमप्रकाश जेसवाल उपस्थित रहे।