📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / A.Savin
शिक्षा
राजस्थान के 85,000 जर्जर स्कूल कमरे, हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी 20,000 करोड़ की जरूरत
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 25 अग. 2026, 08:56 PM
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हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद, राजस्थान के 85,000 स्कूल कमरे जर्जर ही हैं और नवीनीकरण के लिए लगभग 20,000 करोड़ रुपये की जरूरत है।
राजस्थान शिक्षा विभाग ने बताया कि राज्य भर में लगभग 85,000 स्कूल कमरे जर्जर हालत में हैं, जिससे नियमित पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।
एक हालिया मूल्यांकन के अनुसार इन कमरों को सुरक्षित और उपयोगी बनाने के लिए लगभग 20,000 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। राजस्थान हाईकोर्ट ने इस समस्या को शीघ्र सुलझाने का आदेश जारी किया था।
फिर भी, कोर्ट के आदेश के बाद भी स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं दिखा, और अधिकांश जर्जर कमरे वही पुराने हालत में हैं।
एडवोकेट वागेश कुमार सिंह ने इस कोटा को नौकरशाही की विफलता कहा और चेतावनी दी कि ऐसी उपेक्षा लाखों छात्रों की शिक्षा की गुणवत्ता को नुकसान पहुंचा सकती है।
एक हालिया मूल्यांकन के अनुसार इन कमरों को सुरक्षित और उपयोगी बनाने के लिए लगभग 20,000 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। राजस्थान हाईकोर्ट ने इस समस्या को शीघ्र सुलझाने का आदेश जारी किया था।
फिर भी, कोर्ट के आदेश के बाद भी स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं दिखा, और अधिकांश जर्जर कमरे वही पुराने हालत में हैं।
एडवोकेट वागेश कुमार सिंह ने इस कोटा को नौकरशाही की विफलता कहा और चेतावनी दी कि ऐसी उपेक्षा लाखों छात्रों की शिक्षा की गुणवत्ता को नुकसान पहुंचा सकती है।