📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ramkumar592
विज्ञान
राजस्थान के राज्यपाल थावरचंद गेहलोत ने भविष्य की पीढ़ियों के लिए जैव विविधता संरक्षण की अपील की
✍️ The New Indian Express
🗓 19 सित. 2026, 09:16 AM
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राज्यपाल थावरचंद गेहलोत ने भविष्य की पीढ़ियों के लिए भारत की जैव विविधता को संरक्षित करने की तात्कालिक आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
राजस्थान के राज्यपाल थावरचंद गेहलोत ने देश की समृद्ध जैव विविधता को सुरक्षित रखने के लिए त्वरित कदम उठाने की अपील की, यह बताते हुए कि पारिस्थितिक तंत्रों का स्वास्थ्य भविष्य की पीढ़ियों के कल्याण से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी घाट से लेकर थार रेगिस्तान तक के विविध वनस्पति और जीव-जंतु आवासीय क्षरण, जलवायु परिवर्तन और अस्थायी दोहन से खतरे में हैं।
राज्यपाल ने सरकार और नागरिकों दोनों को प्राकृतिक आवासों की रक्षा, सतत कृषि को बढ़ावा और सामुदायिक संरक्षण कार्यक्रमों को समर्थन देने जैसे उपाय अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जैव विविधता का संरक्षण केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा, आजीविका और सांस्कृतिक धरोहर के लिए भी आवश्यक है।
इन बयानों का समय भारत के अंतरराष्ट्रीय पर्यावरणीय समझौतों के तहत प्रतिबद्धताओं की पुनः समीक्षा के साथ मेल खाता है। गेहलोत ने नीति कार्यान्वयन को सुदृढ़ करने और अनुसंधान व संरक्षण पहलों के लिए फंडिंग बढ़ाने की मांग की, ताकि राष्ट्र की प्राकृतिक संपदा आने वाली पीढ़ियों तक बनी रहे।
राज्यपाल ने सरकार और नागरिकों दोनों को प्राकृतिक आवासों की रक्षा, सतत कृषि को बढ़ावा और सामुदायिक संरक्षण कार्यक्रमों को समर्थन देने जैसे उपाय अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जैव विविधता का संरक्षण केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा, आजीविका और सांस्कृतिक धरोहर के लिए भी आवश्यक है।
इन बयानों का समय भारत के अंतरराष्ट्रीय पर्यावरणीय समझौतों के तहत प्रतिबद्धताओं की पुनः समीक्षा के साथ मेल खाता है। गेहलोत ने नीति कार्यान्वयन को सुदृढ़ करने और अनुसंधान व संरक्षण पहलों के लिए फंडिंग बढ़ाने की मांग की, ताकि राष्ट्र की प्राकृतिक संपदा आने वाली पीढ़ियों तक बनी रहे।