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राजस्थान: खाद्य सुरक्षा योजना में अपात्रों की पहचान के लिए चलेगा घर-घर सर्वे अभियान
राजस्थान में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत अपात्र लाभार्थियों की पहचान के लिए अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक घर-घर सर्वे अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान से योजना को अधिक पारदर्शी और पात्रता आधारित बनाया जाएगा।
जयपुर, 9 अक्टूबर। राजस्थान में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत अपात्र लाभार्थियों की पहचान करने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया जाएगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से प्रस्तावित इस अभियान के तहत अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक घर-घर जाकर लाभार्थियों की पात्रता की जांच की जाएगी।
यह सर्वे विशेष रूप से उन शहरी वार्डों में केंद्रित होगा जहां 2011 की जनगणना के अनुसार 80 प्रतिशत से अधिक आबादी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल है। अभियान का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के निर्धारित नियमों के अनुसार अपात्र पाए जाने वाले व्यक्तियों की पहचान करना है। ऐसे लाभार्थियों को स्वेच्छा से योजना का लाभ छोड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
जो अपात्र लाभार्थी योजना का लाभ छोड़ने के लिए सहमत नहीं होंगे, उन्हें विभाग द्वारा नोटिस जारी किया जाएगा और नियमानुसार खाद्य सुरक्षा सूची से उनका नाम हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
इस सर्वे अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि यह केवल अपात्रों की पहचान तक सीमित नहीं रहेगा। इसका उद्देश्य उन पात्र परिवारों को भी चिह्नित करना है जो पात्रता होने के बावजूद वर्तमान में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना की सूची में शामिल नहीं हैं। ऐसे परिवारों को योजना से जोड़ने के लिए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, जिससे योजना का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचे।
यह सर्वे विशेष रूप से उन शहरी वार्डों में केंद्रित होगा जहां 2011 की जनगणना के अनुसार 80 प्रतिशत से अधिक आबादी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल है। अभियान का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के निर्धारित नियमों के अनुसार अपात्र पाए जाने वाले व्यक्तियों की पहचान करना है। ऐसे लाभार्थियों को स्वेच्छा से योजना का लाभ छोड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
जो अपात्र लाभार्थी योजना का लाभ छोड़ने के लिए सहमत नहीं होंगे, उन्हें विभाग द्वारा नोटिस जारी किया जाएगा और नियमानुसार खाद्य सुरक्षा सूची से उनका नाम हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
इस सर्वे अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि यह केवल अपात्रों की पहचान तक सीमित नहीं रहेगा। इसका उद्देश्य उन पात्र परिवारों को भी चिह्नित करना है जो पात्रता होने के बावजूद वर्तमान में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना की सूची में शामिल नहीं हैं। ऐसे परिवारों को योजना से जोड़ने के लिए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, जिससे योजना का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचे।