📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Himanshu Arya Khowal
राजनीति
राहुल गांधी करेंगे इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम, चर्चा परीक्षा पारदर्शिता व रोजगार पर
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 19 सित. 2026, 07:15 PM
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विपक्षी नेता राहुल गांधी इंदौर पहुंचे, जहाँ वे ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में परीक्षा पारदर्शिता, पेपर लीक और बेरोजगारी पर छात्रों से संवाद करेंगे।
विपक्षी नेता राहुल गांधी ने इंदौर में पहुंचकर ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में भाग लेने का इरादा जताया। यह मंच छात्रों और युवाओं को शिक्षा, भर्ती परीक्षाओं, पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सीधे संवाद करने का अवसर प्रदान करता है।
गांधी जी इस सत्र में परीक्षा में पारदर्शिता, पेपर लीक की समस्या और स्नातकों की बढ़ती बेरोजगारी पर सवाल उठाएंगे तथा विपक्ष की शिक्षा‑भर्ती सुधारों की नीति पर प्रकाश डालेंगे। उपस्थित छात्रों के प्रश्नों के उत्तर देते हुए वे अपने विचार साझा करेंगे।
कार्यक्रम का आयोजन मध्य प्रदेश के स्थानीय छात्र समूहों ने किया है, जिसका उद्देश्य नीति निर्माताओं और युवा वर्ग के बीच संवाद स्थापित करना है। आगामी चुनावों के संदर्भ में शिक्षा नीति को प्रमुख मुद्दा बनाते हुए गांधी का यह कदम राजनीतिक महत्व रखता है।
आयोजकों ने बताया कि इस मंच में कौशल विकास और रोजगार सृजन जैसे व्यापक विषयों पर भी चर्चा होगी, जिससे छात्रों के ठोस सुझाव एकत्रित किए जा सकें। अभी तक किसी विशिष्ट नीति प्रस्ताव की घोषणा नहीं की गई है।
इंदौर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से आए छात्रों की बड़ी भीड़ की उम्मीद है, जो परीक्षा की निष्पक्षता और रोजगार के अवसरों पर चर्चा करने के लिए उत्सुक है।
गांधी जी इस सत्र में परीक्षा में पारदर्शिता, पेपर लीक की समस्या और स्नातकों की बढ़ती बेरोजगारी पर सवाल उठाएंगे तथा विपक्ष की शिक्षा‑भर्ती सुधारों की नीति पर प्रकाश डालेंगे। उपस्थित छात्रों के प्रश्नों के उत्तर देते हुए वे अपने विचार साझा करेंगे।
कार्यक्रम का आयोजन मध्य प्रदेश के स्थानीय छात्र समूहों ने किया है, जिसका उद्देश्य नीति निर्माताओं और युवा वर्ग के बीच संवाद स्थापित करना है। आगामी चुनावों के संदर्भ में शिक्षा नीति को प्रमुख मुद्दा बनाते हुए गांधी का यह कदम राजनीतिक महत्व रखता है।
आयोजकों ने बताया कि इस मंच में कौशल विकास और रोजगार सृजन जैसे व्यापक विषयों पर भी चर्चा होगी, जिससे छात्रों के ठोस सुझाव एकत्रित किए जा सकें। अभी तक किसी विशिष्ट नीति प्रस्ताव की घोषणा नहीं की गई है।
इंदौर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से आए छात्रों की बड़ी भीड़ की उम्मीद है, जो परीक्षा की निष्पक्षता और रोजगार के अवसरों पर चर्चा करने के लिए उत्सुक है।