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24 अग. 2026
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राहुल गांधी ने महिलाओं से सामाजिक जंजीर तोड़ने का आह्वान, मनुस्मृति की आलोचना
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Himanshu Arya Khowal
राजनीति

राहुल गांधी ने महिलाओं से सामाजिक जंजीर तोड़ने का आह्वान, मनुस्मृति की आलोचना

✍️ News18 🗓 23 अग. 2026, 08:39 AM 👁 7
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राहुल गांधी ने सार्वजनिक कार्यक्रम में महिलाओं से पारंपरिक भूमिकाओं से आगे बढ़ने और मनुस्मृति की लैंगिक पक्षपात वाली धारा की निंदा करने का आग्रह किया।

राहुल गांधी ने एक सभा में कहा कि महिलाओं को अब केवल बेटी, पत्नी या माँ के रूप में सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि ऐसी संकीर्ण परिभाषाएँ उनके सार्वजनिक, पेशेवर और राजनीतिक संभावनाओं को रोकती हैं।

वह कांग्रेस नेता सामाजिक दबावों की ओर इशारा करते हुए कहा कि कई बार महिलाओं को शिक्षा, करियर और नेतृत्व के पदों से दूर रखा जाता है। उन्होंने लैंगिक समानता के लिए सामाजिक धारणाओं को तोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।

गांधी ने विशेष रूप से प्राचीन ग्रंथ मनुस्मृति की आलोचना की, इसे एक ऐसा दस्तावेज बताया जो पितृसत्तात्मक मानदंडों को कायम रखता है और लैंगिक भेदभाव को वैध बनाता है। उन्होंने कानून निर्माताओं, विद्वानों और नागरिक समाज से इसके पुरातन प्रावधानों की पुनः समीक्षा करने का आग्रह किया।

अंत में उन्होंने सभी भारतीय महिलाओं से अपने अधिकारों को समझने, समान अवसरों की मांग करने और सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया, साथ ही देश से लैंगिक समानता को वास्तविकता बनाने की अपेक्षा जताई।
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