सरकारी योजना
रोहताश जिला के सात स्कूल का चयन मॉडल स्कूल के रूप में हुआ है
रोहतास जिला के सात स्कूल का चयन मॉडल स्कूल के रूप में किया गया ऐसे में सासाराम के सबसे पुराने विधालय में शुमार वर्ष 1939स्थापित राजकीयकृतशंकर मध्य विद्यालय तकिया को मॉडल स्कूलमें चयन किया गया है । लेकिन स्कूल कि स्थिति काफी दयनीय है
सासाराम से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट
ख़बर सासाराम से है। रोहतास जिला के 7 विद्यालयों का चयन मॉडल स्कूल के रूप में हुआ है। ऐसे में सासाराम के सबसे पुराने विद्यालय में शुमार वर्ष 1939 में स्थापित राजकीयकृत शंकर मध्य विद्यालय, तकिया को भी मॉडल स्कूल के रूप में चयन किया गया है। लेकिन इस स्कूल की स्थिति काफी दयनीय है। स्कूल में बच्चों को बैठने के लिए बैंच, डेस्क तक की दिक्कत है। टूटे हुए बैंच डेस्क पर किसी तरह बच्चे बैठकर पठान-पाटन करते हैं। 452 बच्चों की उपस्थिति वाले इस विद्यालय का चयन मॉडल स्कूल में हुआ है। जिस से यहां के शिक्षक भी आशान्वित है कि उनके विद्यालय की स्थिति में ढांचागत सुधार होगा। शिक्षक राधेश्याम प्रसाद कहते हैं कि यह काफी पुराना विद्यालय है। उसके बावजूद समस्याएं हैं। लेकिन उम्मीद है कि इस पर जल्द ही काम होगा। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के उद्देश्य से सरकार ने मॉडल स्कूल की परिकल्पना सामने लाई है। ऐसे में बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का कहना है कि विभिन्न विद्यालयों के ढांचागत संरचना में जल्द ही सुधार किया जाएगा। हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ले। इसके लिए सरकार ने मॉडल स्कूल की परिकल्पना की है। ऐसे में जहां कहीं भी समस्याएं हैं, उसे जल्द दूर किया जाएगा। नवंबर के महीने तक काफी हद तक विद्यालयों की स्थिति में सुधार होगी। फिलहाल चार लाख बच्चे मॉडल स्कूल में शिक्षा ले रहे हैं।
बाईट -- राधेश्याम प्रसाद (शिक्षक) राजकीयकृत शंकर मध्य विद्यालय, तकिया
बाईट -- मिथिलेश तिवारी (शिक्षा मंत्री) बिहार सरकार।
ख़बर सासाराम से है। रोहतास जिला के 7 विद्यालयों का चयन मॉडल स्कूल के रूप में हुआ है। ऐसे में सासाराम के सबसे पुराने विद्यालय में शुमार वर्ष 1939 में स्थापित राजकीयकृत शंकर मध्य विद्यालय, तकिया को भी मॉडल स्कूल के रूप में चयन किया गया है। लेकिन इस स्कूल की स्थिति काफी दयनीय है। स्कूल में बच्चों को बैठने के लिए बैंच, डेस्क तक की दिक्कत है। टूटे हुए बैंच डेस्क पर किसी तरह बच्चे बैठकर पठान-पाटन करते हैं। 452 बच्चों की उपस्थिति वाले इस विद्यालय का चयन मॉडल स्कूल में हुआ है। जिस से यहां के शिक्षक भी आशान्वित है कि उनके विद्यालय की स्थिति में ढांचागत सुधार होगा। शिक्षक राधेश्याम प्रसाद कहते हैं कि यह काफी पुराना विद्यालय है। उसके बावजूद समस्याएं हैं। लेकिन उम्मीद है कि इस पर जल्द ही काम होगा। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के उद्देश्य से सरकार ने मॉडल स्कूल की परिकल्पना सामने लाई है। ऐसे में बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का कहना है कि विभिन्न विद्यालयों के ढांचागत संरचना में जल्द ही सुधार किया जाएगा। हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ले। इसके लिए सरकार ने मॉडल स्कूल की परिकल्पना की है। ऐसे में जहां कहीं भी समस्याएं हैं, उसे जल्द दूर किया जाएगा। नवंबर के महीने तक काफी हद तक विद्यालयों की स्थिति में सुधार होगी। फिलहाल चार लाख बच्चे मॉडल स्कूल में शिक्षा ले रहे हैं।
बाईट -- राधेश्याम प्रसाद (शिक्षक) राजकीयकृत शंकर मध्य विद्यालय, तकिया
बाईट -- मिथिलेश तिवारी (शिक्षा मंत्री) बिहार सरकार।