📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / binderdosanj
अपराध
पंजाब में विदेश सपने को बना खौफनाक जाल, दंपतियों को 7‑पृष्ठ अनुबंध पर मजबूर
✍️ Amar Ujala · Jalandhar
🗓 23 अग. 2026, 10:53 AM
👁 4
पंजाब में विदेश जाने के सपने को लेकर चल रहे ठगी में दंपतियों को जमीन‑घर बेचने और 7‑पृष्ठ अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जिससे कई आत्महत्या तक पहुँच रहे हैं।
पंजाब में विदेश रोजगार के सपने से हजारों परिवार आकर्षित हो रहे हैं, पर कई को अवैध एजेंटों ने जमीन, घर और जमा‑पूँजी बेचने पर मजबूर किया है। ये एजेंट वीज़ा और नौकरी का वादा करते हैं, पर यात्रा से पहले विस्तृत दस्तावेज़ और भारी भुगतान की माँग करते हैं।
धोखेबाजों ने शोषण को और बढ़ा दिया है, दंपतियों को सात‑पृष्ठीय अनुबंध पर हस्ताक्षर करवाते हैं, जिसमें अक्सर विदेश जाने से पहले शादी की शर्त भी शामिल होती है। पिछले तीन वर्षों में इन एजेंटों के खिलाफ 3,225 केस दर्ज हुए हैं, फिर भी यह जाल जारी है।
मानसिक तनाव गंभीर है: कई पीड़ितों ने बताया कि झूठे वादों के कारण वे अत्यधिक निराशा में आ गए, कुछ दंपतियों ने आत्महत्या की कोशिश की या कर ली। पुलिस ने जनता को सतर्क किया है और वैध एजेंटों की जाँच करने की सलाह दी है, पर बेहतर भविष्य की आशा इस घोटाले को जीवित रखती है।
अधिकारियों का कहना है कि जाल को तोड़ने के लिए अब और अधिक छापेमारी और निगरानी की जा रही है, पर पंजाब, विशेषकर जालंधर में इस समस्या का पैमाना बड़ा है, जिससे प्रवर्तन कठिन हो रहा है। पीड़ितों को उपभोक्ता अदालत और विदेश मामलों के मंत्रालय से वैध प्रवास सहायता लेने की सलाह दी गई है।
धोखेबाजों ने शोषण को और बढ़ा दिया है, दंपतियों को सात‑पृष्ठीय अनुबंध पर हस्ताक्षर करवाते हैं, जिसमें अक्सर विदेश जाने से पहले शादी की शर्त भी शामिल होती है। पिछले तीन वर्षों में इन एजेंटों के खिलाफ 3,225 केस दर्ज हुए हैं, फिर भी यह जाल जारी है।
मानसिक तनाव गंभीर है: कई पीड़ितों ने बताया कि झूठे वादों के कारण वे अत्यधिक निराशा में आ गए, कुछ दंपतियों ने आत्महत्या की कोशिश की या कर ली। पुलिस ने जनता को सतर्क किया है और वैध एजेंटों की जाँच करने की सलाह दी है, पर बेहतर भविष्य की आशा इस घोटाले को जीवित रखती है।
अधिकारियों का कहना है कि जाल को तोड़ने के लिए अब और अधिक छापेमारी और निगरानी की जा रही है, पर पंजाब, विशेषकर जालंधर में इस समस्या का पैमाना बड़ा है, जिससे प्रवर्तन कठिन हो रहा है। पीड़ितों को उपभोक्ता अदालत और विदेश मामलों के मंत्रालय से वैध प्रवास सहायता लेने की सलाह दी गई है।