🔥 ट्रेंडिंग ચોટીલાના નાયબ કલેક્ટરની કાર્યવાહી: જામ... दिल्ली‑एनसीआर में नया GRAP लागू, AQI ब... हरियाणा FDA ने टेल्मा‑एएम नकली दवा जाल... हरियाणा ने एशियन गेम्स के लिए पूरी कुश... ड्रिश्टि IAS ने 30 सितंबर 2026 को HCS... छत्तीसगढ़ उपभोक्ता आयोग ने मॉल पार्किं...
30 सित. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
पंजाब में नशे की समस्या से बच्चों को झेलना पड़ रहा है
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Satdeep Gill
स्वास्थ्य

पंजाब में नशे की समस्या से बच्चों को झेलना पड़ रहा है

✍️ The Indian Express 🗓 12 सित. 2026, 01:38 PM 👁 43
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

बार-बार चर्चा के बावजूद, पंजाब में नशे की लहर अभी भी बच्चों को प्रभावित कर रही है, कई बच्चे नशे की लत और उससे जुड़ी परेशानियों से जूझ रहे हैं।

पंजाब में नशे की समस्या कई सालों से चल रही है, और हालिया टिप्पणी में यह स्पष्ट किया गया है कि इसके सबसे छोटे नागरिक इस संकट से सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों और नागरिक संगठनों का कहना है कि कई नीति‑बैठकों और सार्वजनिक बयानों के बावजूद, स्कूल‑उम्र के युवाओं में नशे की लत में कोई उल्लेखनीय कमी नहीं आई है।

गांव और शहर दोनों क्षेत्रों में परिवारों ने बताया कि किशोरों को हेरोइन, सिंथेटिक ओपिओइड और प्रिस्क्रिप्शन दवाओं जैसे पदार्थों के संपर्क में आना बढ़ रहा है, अक्सर साथियों और स्थानीय डीलरों के माध्यम से। रोकथाम कार्यक्रमों की कमी और पुनर्वास सुविधाओं तक सीमित पहुँच इस समस्या को और गहरा बना रही है, जिससे कई नाबालिगों को पर्याप्त सहायता नहीं मिल पा रही है।

राज्य सरकार ने प्रवर्तन को सुदृढ़ करने और परामर्श केंद्रों का विस्तार करने का वादा किया है, पर विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि सामुदायिक जागरूकता और शिक्षा के बिना यह नशे का चक्र अगली पीढ़ी को भी प्रभावित करता रहेगा। यह स्थिति पंजाब के बच्चों के लिए आपूर्ति‑पक्षीय नियंत्रण और मांग‑पक्षीय हस्तक्षेप दोनों को मिलाकर एक समन्वित कार्रवाई की तात्कालिक आवश्यकता को रेखांकित करती है।
📲Get App