📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / ABP Sanjha
राजनीति
पंजाब में सज्जन कुमार को श्रद्धांजलि पर राजनीति में उभरा टकराव
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 22 अग. 2026, 02:33 PM
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सज्जन कुमार की मौत के बाद कांग्रेस नेताओं की श्रद्धांजलि ने पंजाब में तीखी बहस छेड़ दी, जहाँ दीपेंद्र हुड्डा के बयान पर चरणजीत चन्नी ने गुस्से में प्रतिक्रिया दी।
सज्जन कुमार, जो 1984 के सिख विरोधी दंगों में दोषी ठहराए गए पूर्व कांग्रेस सांसद, की हाल ही में मृत्यु हो गई। उनकी मौत के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सार्वजनिक श्रद्धांजलि अर्पित की, जिससे पंजाब की राजनीतिक धारा में तीखी आलोचना उत्पन्न हुई।
कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा ने कुमार के राजनीतिक सफर की प्रशंसा में बयान दिया, जिसे चरणजीत चन्नी ने कड़ा विरोध किया। चन्नी ने एक टेलीविजन इंटरव्यू में कहा कि कुमार का नाम लेना भी पाप है और वह रोल मॉडल नहीं है।
यह टकराव पंजाब की राजनीति में पहले से ही तनावपूर्ण माहौल को और भड़काता है, जहाँ विभिन्न दल 1984 की घटनाओं की व्याख्या को लेकर आपस में टकरा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद सामुदायिक संवेदनशीलताओं और ऐतिहासिक जवाबदेही को आज के राजनीतिक संवाद में समेटने की कठिनाइयों को उजागर करता है।
कांग्रेस ने चन्नी की आलोचना पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, और यह बहस राज्य के सार्वजनिक मंचों में जारी रहने की संभावना है।
कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा ने कुमार के राजनीतिक सफर की प्रशंसा में बयान दिया, जिसे चरणजीत चन्नी ने कड़ा विरोध किया। चन्नी ने एक टेलीविजन इंटरव्यू में कहा कि कुमार का नाम लेना भी पाप है और वह रोल मॉडल नहीं है।
यह टकराव पंजाब की राजनीति में पहले से ही तनावपूर्ण माहौल को और भड़काता है, जहाँ विभिन्न दल 1984 की घटनाओं की व्याख्या को लेकर आपस में टकरा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद सामुदायिक संवेदनशीलताओं और ऐतिहासिक जवाबदेही को आज के राजनीतिक संवाद में समेटने की कठिनाइयों को उजागर करता है।
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