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14 जुल. 2026
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पंजाब और हरियाणा कोर्ट का फैसला
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harvinder Chandigarh
राजनीति

पंजाब और हरियाणा कोर्ट का फैसला

✍️ Live Law 🗓 14 जुल. 2026, 10:03 AM 👁 3

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि सरकार के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी हमेशा देशद्रोह नहीं होते। यह फैसला असहमति व्यक्त करने और देशद्रोह करने के बीच के अंतर पर प्रकाश डालता है।

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने देशद्रोह की परिभाषा के संबंध में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय के अनुसार, सरकार के खिलाफ सभी प्रकार के विरोध या असहमति को देशद्रोह के रूप में वर्गीकृत नहीं किया जा सकता। यह फैसला एक लोकतांत्रिक समाज में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और असहमति व्यक्त करने के अधिकार की सीमाओं को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। न्यायालय के निर्णय में वैध विरोध के रूपों और राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था को वास्तव में खतरा पैदा करने वाले कार्यों के बीच अंतर करने के महत्व पर जोर दिया गया है।
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