📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Press Information Bureau
राजनीति
पंजाब के सीएम मान: अपने हिस्से का पानी एक बूंद भी नहीं देंगे
✍️ Amar Ujala · Jalandhar
🗓 28 अक्टू. 2026, 02:36 AM
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट किया है कि राज्य अपने आवंटित पानी के हिस्से में से एक बूंद भी नहीं देगा, जो संसाधन संप्रभुता पर कड़ी पकड़ का संकेत है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य के जल संसाधनों के संबंध में एक दृढ़ घोषणा की है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया है कि पंजाब अपने आवंटित हिस्से में से एक बूंद भी नहीं देगा। यह बयान राज्य सरकार के उस अटूट संकल्प को दर्शाता है कि वह अपने पानी के अधिकारों की रक्षा करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि आवंटित संसाधन राज्य की सीमाओं के भीतर ही रहें।
जालंधर में हुए अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने तर्क दिया कि पानी का हिस्सा राज्य के कृषि और घरेलू आवश्यकताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संपत्ति है। उनके शब्द संसाधन प्रबंधन पर एक व्यापक रुख को दर्शाते हैं, जो संकेत देते हैं कि पंजाब सरकार पानी के वितरण से जुड़े किसी भी अंतर-राज्यीय या राष्ट्रीय चर्चा में अपने हक की कड़ाई से रक्षा करेगी।
यह घोषणा उस समय की गई है जब पानी का बंटवारा भारतीय राज्यों के बीच एक संवेदनशील और अक्सर विवादित मुद्दा बना हुआ है। एक निर्णायक रुख अपनाकर, पंजाब सरकार अपने किसानों और निवासियों के हितों की सुरक्षा करना चाहती है, यह सुनिश्चित करते हुए कि राज्य की जल सुरक्षा प्रभावित न हो।
तुरंत बयान में विशिष्ट वार्ताओं या कानूनी प्रक्रियों के बारे में कोई और विवरण नहीं दिया गया, लेकिन इसका लहजा राज्य के हिस्से के लिए मजबूत वकालत के लिए तैयारी का संकेत देता है।
जालंधर में हुए अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने तर्क दिया कि पानी का हिस्सा राज्य के कृषि और घरेलू आवश्यकताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संपत्ति है। उनके शब्द संसाधन प्रबंधन पर एक व्यापक रुख को दर्शाते हैं, जो संकेत देते हैं कि पंजाब सरकार पानी के वितरण से जुड़े किसी भी अंतर-राज्यीय या राष्ट्रीय चर्चा में अपने हक की कड़ाई से रक्षा करेगी।
यह घोषणा उस समय की गई है जब पानी का बंटवारा भारतीय राज्यों के बीच एक संवेदनशील और अक्सर विवादित मुद्दा बना हुआ है। एक निर्णायक रुख अपनाकर, पंजाब सरकार अपने किसानों और निवासियों के हितों की सुरक्षा करना चाहती है, यह सुनिश्चित करते हुए कि राज्य की जल सुरक्षा प्रभावित न हो।
तुरंत बयान में विशिष्ट वार्ताओं या कानूनी प्रक्रियों के बारे में कोई और विवरण नहीं दिया गया, लेकिन इसका लहजा राज्य के हिस्से के लिए मजबूत वकालत के लिए तैयारी का संकेत देता है।