📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Hustvedt
कृषि
मोहाली में संरक्षित वन्यजीवों से बढ़ते हादसे और फसलों को नुकसान
✍️ Amar Ujala · Mohali
🗓 16 अक्टू. 2026, 01:39 AM
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मोहाली में संरक्षित वन्यजीवों के कारण सड़क हादसे और फसलों को नुकसान बढ़ रहा है, अधिकारियों ने बताया।
मोहाली में स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि हिरण, जंगली सूअर जैसे संरक्षित वन्यजीवों के सड़क पर आक्रमण से वाहन टक्करों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। वही जानवर कृषि क्षेत्रों में प्रवेश कर फसलों को खा रहे हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
पुलिस और वन विभाग मिलकर वन्यजीवों की गति पर नजर रख रहे हैं और जानवरों के मार्गों के पास चेतावनी संकेत व अस्थायी बाधाएँ स्थापित कर रहे हैं। किसानों को तुरंत सूचना देने का निर्देश दिया गया है ताकि नुकसान को रोकने के लिए त्वरित कार्रवाई की जा सके।
यह स्थिति पंजाब के तेज़ी से शहरीकरण वाले क्षेत्रों में वन्यजीव संरक्षण, सार्वजनिक सुरक्षा और कृषि उत्पादन के बीच संतुलन बनाने की चुनौती को उजागर करती है। अधिकारियों ने इस मुद्दे को हल करने के लिए मौजूदा नीतियों की पुनः समीक्षा का संकेत दिया है।
स्थानीय किसान संघ और वन्यजीव NGOs दोनों ही सहयोगी उपायों की माँग कर रहे हैं, जिसमें फसल क्षति के लिए मुआवजा और वन्यजीव‑प्रवण क्षेत्रों में सुरक्षित ड्राइविंग के बारे में जागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं।
हालांकि अब तक टक्करों या फसल नुकसान के सटीक आँकड़े जारी नहीं किए गए हैं, पर अधिकारियों ने कहा कि यह प्रवृत्ति जिले स्तर पर त्वरित कार्रवाई को प्रेरित कर रही है।
पुलिस और वन विभाग मिलकर वन्यजीवों की गति पर नजर रख रहे हैं और जानवरों के मार्गों के पास चेतावनी संकेत व अस्थायी बाधाएँ स्थापित कर रहे हैं। किसानों को तुरंत सूचना देने का निर्देश दिया गया है ताकि नुकसान को रोकने के लिए त्वरित कार्रवाई की जा सके।
यह स्थिति पंजाब के तेज़ी से शहरीकरण वाले क्षेत्रों में वन्यजीव संरक्षण, सार्वजनिक सुरक्षा और कृषि उत्पादन के बीच संतुलन बनाने की चुनौती को उजागर करती है। अधिकारियों ने इस मुद्दे को हल करने के लिए मौजूदा नीतियों की पुनः समीक्षा का संकेत दिया है।
स्थानीय किसान संघ और वन्यजीव NGOs दोनों ही सहयोगी उपायों की माँग कर रहे हैं, जिसमें फसल क्षति के लिए मुआवजा और वन्यजीव‑प्रवण क्षेत्रों में सुरक्षित ड्राइविंग के बारे में जागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं।
हालांकि अब तक टक्करों या फसल नुकसान के सटीक आँकड़े जारी नहीं किए गए हैं, पर अधिकारियों ने कहा कि यह प्रवृत्ति जिले स्तर पर त्वरित कार्रवाई को प्रेरित कर रही है।