📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Original: Samudra Bikash Hazarika
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राजनीति
प्रस्तावित ज़मीन बदल सौदे से मणिपुर के क्षेत्र में कमी का खतरा
✍️ The Sangai Express
🗓 24 अग. 2026, 05:25 AM
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एक प्रस्तावित ज़मीन बदल समझौते से मणिपुर के क्षेत्र में कमी हो सकती है, अधिकारियों ने बताया।
मणिपुर के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि वर्तमान में चर्चा में चल रहा ज़मीन बदल प्रस्ताव राज्य के क्षेत्रफल को घटा सकता है। यह समझौता पड़ोसी राज्य के साथ कुछ भूमि क्षेत्रों का आदान‑प्रदान करने का प्रस्ताव रखता है, जिसमें ऐसी शर्तें हो सकती हैं जो मणिपुर के लिए शुद्ध क्षेत्रीय हानि का कारण बनेंगी।
राज्य ने बताया कि भूमि में कमी से स्थानीय प्रशासन, संसाधन वितरण और सीमा के पास रहने वाले समुदायों के अधिकारों पर असर पड़ सकता है। जबकि अदला‑बदली की सटीक सीमा अभी स्पष्ट नहीं हुई है, प्रारम्भिक मानचित्रों से पता चलता है कि कई गांव नई सीमा के तहत आ सकते हैं।
सरकार ने अभी तक इस समझौते को अंतिम रूप नहीं दिया है और यह प्रस्ताव केंद्र तथा राज्य दोनों मंत्रालयों की समीक्षा में है। मणिपुर में राजनीतिक दल और नागरिक संगठनों ने इस प्रक्रिया को निकटता से देख रहे हैं, पारदर्शिता और राज्य की भौगोलिक अखंडता की सुरक्षा की मांग की है।
राज्य ने बताया कि भूमि में कमी से स्थानीय प्रशासन, संसाधन वितरण और सीमा के पास रहने वाले समुदायों के अधिकारों पर असर पड़ सकता है। जबकि अदला‑बदली की सटीक सीमा अभी स्पष्ट नहीं हुई है, प्रारम्भिक मानचित्रों से पता चलता है कि कई गांव नई सीमा के तहत आ सकते हैं।
सरकार ने अभी तक इस समझौते को अंतिम रूप नहीं दिया है और यह प्रस्ताव केंद्र तथा राज्य दोनों मंत्रालयों की समीक्षा में है। मणिपुर में राजनीतिक दल और नागरिक संगठनों ने इस प्रक्रिया को निकटता से देख रहे हैं, पारदर्शिता और राज्य की भौगोलिक अखंडता की सुरक्षा की मांग की है।