📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / anonymous
अपराध
राघौगढ़ के परियोजना अधिकारी को नियुक्ति-जाली वसूली पर निलंबित किया गया
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 19 अग. 2026, 11:32 PM
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मध्य प्रदेश के गुनिया जिले में नियुक्ति के नाम पर बड़ी वसूली करने के बाद राघौगढ़ के परियोजना अधिकारी संतोष अलवा को निलंबित किया गया।
मध्य प्रदेश के गुनिया जिले ने राघौगढ़ विकास कार्यालय के परियोजना अधिकारी संतोष अलवा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है और उन्हें आगे की जांच के दौरान निलंबित कर दिया है। यह निलंबन उन आरोपों के बाद आया है कि अलवा ने नियुक्ति के नाम पर एक व्यवस्थित वसूली जाल चलाया, जिसमें सरकारी पदों की आश्वासन देकर लोगों से बड़ी रकम ली गई।
जिला प्रशासन के अनुसार, यह योजना विभिन्न सरकारी परियोजनाओं में नौकरी चाहने वालों को लक्षित करती थी और पद सुरक्षित करने के बहाने भारी धनराशि की मांग करती थी। प्रारम्भिक जांच में इस जाल से जुड़े बड़े पैमाने पर नकदी प्रवाह का पता चला, जिससे अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की।
सोमवार को जारी किए गए निलंबन आदेश में सेवा नियमों का उल्लंघन और पद का दुरुपयोग करने का उल्लेख है। अलवा को सभी कर्तव्यों से प्रतिबंधित किया गया है और जांच समाप्त होने तक निलंबित रखा जाएगा। साथ ही, कार्यालय के वित्तीय रिकॉर्ड की फोरेंसिक ऑडिट का आदेश भी दिया गया है ताकि अवैध आय का पता लगाया जा सके।
राज्य के अधिकारियों ने जनता को आश्वस्त किया है कि इस मामले की पूरी जांच की जाएगी और आगे किसी भी प्रकार की अनियमितता पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना क्षेत्र में भ्रष्टाचार और झूठी नियुक्तियों के बढ़ते खतरे को उजागर करती है।
जिला प्रशासन के अनुसार, यह योजना विभिन्न सरकारी परियोजनाओं में नौकरी चाहने वालों को लक्षित करती थी और पद सुरक्षित करने के बहाने भारी धनराशि की मांग करती थी। प्रारम्भिक जांच में इस जाल से जुड़े बड़े पैमाने पर नकदी प्रवाह का पता चला, जिससे अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की।
सोमवार को जारी किए गए निलंबन आदेश में सेवा नियमों का उल्लंघन और पद का दुरुपयोग करने का उल्लेख है। अलवा को सभी कर्तव्यों से प्रतिबंधित किया गया है और जांच समाप्त होने तक निलंबित रखा जाएगा। साथ ही, कार्यालय के वित्तीय रिकॉर्ड की फोरेंसिक ऑडिट का आदेश भी दिया गया है ताकि अवैध आय का पता लगाया जा सके।
राज्य के अधिकारियों ने जनता को आश्वस्त किया है कि इस मामले की पूरी जांच की जाएगी और आगे किसी भी प्रकार की अनियमितता पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना क्षेत्र में भ्रष्टाचार और झूठी नियुक्तियों के बढ़ते खतरे को उजागर करती है।