📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann (talk)
राजनीति
राजनीति में फिर से प्रफेनिटी, नई भाषा बन रही है - द हिन्दू
✍️ The Hindu
🗓 24 अग. 2026, 05:39 AM
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द हिन्दू के अनुसार, भारतीय राजनीति में गाली‑गलौज फिर से प्रचलित हो रही है, जो संवाद शैली में बदलाव दर्शाती है।
द हिन्दू के एक संपादकीय में भारतीय राजनीति में गाली‑गलौज के वापसी को उजागर किया गया है। लेख में बताया गया है कि राजनेता अब सार्वजनिक भाषणों और मीडिया में अधिक बेतुकी या आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं, जो पहले के अधिक शिष्ट भाषा प्रयोग से अलग है।
संपादकीय के अनुसार, यह भाषा‑परिवर्तन राजनीतिक माहौल में व्यापक बदलाव को दर्शाता है, जहाँ भावनात्मक तीव्रता और सीधापन को शिष्टाचार से अधिक महत्व दिया जा रहा है। यह प्रवृत्ति कुछ मतदाताओं को सच्ची लग सकती है, जो सीधे बोलने को अधिक भरोसेमंद मानते हैं।
लेख में कोई विशिष्ट उदाहरण नहीं दिया गया, पर यह कहा गया है कि यह प्रवृत्ति विभिन्न दलों में देखी जा रही है, जो राजनीतिक संवाद में नई मानदंड स्थापित कर रही है।
संपादकीय के अनुसार, यह भाषा‑परिवर्तन राजनीतिक माहौल में व्यापक बदलाव को दर्शाता है, जहाँ भावनात्मक तीव्रता और सीधापन को शिष्टाचार से अधिक महत्व दिया जा रहा है। यह प्रवृत्ति कुछ मतदाताओं को सच्ची लग सकती है, जो सीधे बोलने को अधिक भरोसेमंद मानते हैं।
लेख में कोई विशिष्ट उदाहरण नहीं दिया गया, पर यह कहा गया है कि यह प्रवृत्ति विभिन्न दलों में देखी जा रही है, जो राजनीतिक संवाद में नई मानदंड स्थापित कर रही है।