📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Suyash Dwivedi
अपराध
मुरैना में पुलिस‑वन विभाग ने 100 ट्रॉली चंबल रेत की बरामदगी
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 14 सित. 2026, 08:15 PM
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अंबाह पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में मुरैना, मध्य प्रदेश में चंबल नदी से अवैध रूप से डंप की गई लगभग 100 ट्रॉली रेत बरामद की गई।
अंबाह पुलिस ने वन विभाग के साथ मिलकर मुरैना के हरिचंद क्षेत्र में चौथे दिन छापेमारी की। यह कार्रवाई चंबल नदी से अवैध रूप से डंप की गई रेत को रोकने के उद्देश्य से की गई। जांचकर्ताओं ने लगभग 100 ट्रॉली चंबल रेत बरामद की, जो बिना अनुमति के निकाली गई थी।
अधिकारियों ने बताया कि यह रेत व्यावसायिक रूप से बेचने के लिये निकाली जा रही थी, जिससे पर्यावरण नियम और राज्य के खनन कानून दोनों का उल्लंघन हो रहा है। संयुक्त टीम ने बरामदगी को दस्तावेज़ीकरण किया, सामग्री को सुरक्षित किया और स्रोत व शामिल पक्षों की पहचान के लिये फोरेंसिक जांच शुरू की।
यह छापेमारी मध्य प्रदेश में रेत माफिया को काबू करने के व्यापक अभियान का हिस्सा है। अधिकारियों ने कहा कि वे नदी के तल को क्षरण से बचाने और जलजीवों के आवास को संरक्षित करने के लिये अवैध खनन पर कड़ी कार्रवाई करेंगे।
स्थानीय निवासियों ने राहत व्यक्त की, क्योंकि पहले अनियंत्रित रेत खनन से नदी किनारे का क्षरण और पारिस्थितिक तंत्र को नुकसान पहुंच रहा था। पुलिस और वन विभाग ने जनता से अनुरोध किया कि वे किसी भी संदिग्ध रेत निकासी की सूचना तुरंत दें।
जांच जारी है ताकि रेत की आपूर्ति करने वाले ठेकेदारों या व्यापारियों की पहचान की जा सके और यह पता लगाया जा सके कि क्या किसी राजनीतिक या कॉर्पोरेट हितधारक का संबंध है।
अधिकारियों ने बताया कि यह रेत व्यावसायिक रूप से बेचने के लिये निकाली जा रही थी, जिससे पर्यावरण नियम और राज्य के खनन कानून दोनों का उल्लंघन हो रहा है। संयुक्त टीम ने बरामदगी को दस्तावेज़ीकरण किया, सामग्री को सुरक्षित किया और स्रोत व शामिल पक्षों की पहचान के लिये फोरेंसिक जांच शुरू की।
यह छापेमारी मध्य प्रदेश में रेत माफिया को काबू करने के व्यापक अभियान का हिस्सा है। अधिकारियों ने कहा कि वे नदी के तल को क्षरण से बचाने और जलजीवों के आवास को संरक्षित करने के लिये अवैध खनन पर कड़ी कार्रवाई करेंगे।
स्थानीय निवासियों ने राहत व्यक्त की, क्योंकि पहले अनियंत्रित रेत खनन से नदी किनारे का क्षरण और पारिस्थितिक तंत्र को नुकसान पहुंच रहा था। पुलिस और वन विभाग ने जनता से अनुरोध किया कि वे किसी भी संदिग्ध रेत निकासी की सूचना तुरंत दें।
जांच जारी है ताकि रेत की आपूर्ति करने वाले ठेकेदारों या व्यापारियों की पहचान की जा सके और यह पता लगाया जा सके कि क्या किसी राजनीतिक या कॉर्पोरेट हितधारक का संबंध है।