📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / KDhruv406
शिक्षा
पटना में लोकभवन मार्च के दौरान असिस्टेंट प्रोफेसर अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच झड़प, बेली रोड पर जाम
✍️ Amar Ujala · Patna
🗓 22 अग. 2026, 01:37 PM
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पटना में लोकभवन मार्च के दौरान असिस्टेंट प्रोफेसर पद के अभ्यर्थियों ने पुलिस से टकराव किया, जिससे बेली रोड पर भारी जाम हो गया।
पटना, बिहार – बेली रोड पर स्थित लोकभवन की ओर असिस्टेंट प्रोफेसर पद के अभ्यर्थियों ने गुरुवार को एक मार्च किया। उम्मीदवारों ने भर्ती प्रक्रिया में देरी और चयन मानदंडों में स्पष्टता की मांग की।
मार्च के दौरान पुलिस ने भीड़ को बिखेरने की कोशिश की, जिससे दोनों पक्षों के बीच शारीरिक टकराव हुआ। दर्शकों द्वारा ली गई वीडियो में दोनों पक्षों को धक्का देते और चिल्लाते दिखाया गया, लेकिन आधिकारिक तौर पर कोई चोटें दर्ज नहीं हुईं।
इस झड़प के कारण बेली रोड पर भारी ट्रैफ़िक जाम हो गया, जो शहर की मुख्य सड़कों में से एक है, और कई घंटे तक यातायात बाधित रहा। स्थानीय प्राधिकरणों ने वाहन को वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ दिया और ट्रैफ़िक पुलिस ने जाम को साफ करने का काम किया।
पुलिस ने बाद में बताया कि उन्होंने सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप किया और स्थिति अब नियंत्रण में है। अभ्यर्थियों ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग जारी रखने का इरादा जताया।
यह घटना राज्य भर में शैक्षणिक पदों के लिए उम्मीदवारों द्वारा किए जा रहे कई विरोधों में से एक है, जो भर्ती में देरी को लेकर बढ़ती निराशा को दर्शाती है।
मार्च के दौरान पुलिस ने भीड़ को बिखेरने की कोशिश की, जिससे दोनों पक्षों के बीच शारीरिक टकराव हुआ। दर्शकों द्वारा ली गई वीडियो में दोनों पक्षों को धक्का देते और चिल्लाते दिखाया गया, लेकिन आधिकारिक तौर पर कोई चोटें दर्ज नहीं हुईं।
इस झड़प के कारण बेली रोड पर भारी ट्रैफ़िक जाम हो गया, जो शहर की मुख्य सड़कों में से एक है, और कई घंटे तक यातायात बाधित रहा। स्थानीय प्राधिकरणों ने वाहन को वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ दिया और ट्रैफ़िक पुलिस ने जाम को साफ करने का काम किया।
पुलिस ने बाद में बताया कि उन्होंने सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप किया और स्थिति अब नियंत्रण में है। अभ्यर्थियों ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग जारी रखने का इरादा जताया।
यह घटना राज्य भर में शैक्षणिक पदों के लिए उम्मीदवारों द्वारा किए जा रहे कई विरोधों में से एक है, जो भर्ती में देरी को लेकर बढ़ती निराशा को दर्शाती है।