📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
देश
शांतिप्रवर्तक निकेतु इरालु को नागा और भारत के बीच पुल के रूप में याद किया गया
✍️ The Indian Express
🗓 22 अग. 2026, 10:13 AM
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इंडियन एक्सप्रेस ने निकेतु इरालु को याद किया, जो नागा समुदाय और भारत के बीच संवाद व सद्भावना से पुल बनाते रहे।
इंडियन एक्सप्रेस ने निकेतु इरालु को श्रद्धांजलि अर्पित की, जो नागा समुदाय और भारत के बीच समझ बढ़ाने में समर्पित एक अनुभवी शांति कार्यकर्ता थे। इरालु ने अपने जीवन को संवाद के मार्ग खोलने, आपसी अविश्वास को कम करने और सांस्कृतिक‑राजनीतिक अंतर को पाटने में लगाया। उनका योगदान उत्तर‑पूर्व में शांति प्रक्रिया के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है। सहयोगियों और समुदाय के नेताओं ने उन्हें निरंतर संवाद और परस्पर सम्मान को बढ़ावा देने वाले स्थायी पुल के रूप में वर्णित किया। यह स्मरण उनके क्षेत्रीय सौहार्द पर स्थायी प्रभाव और संघर्ष‑प्रवण क्षेत्रों में नागरिक समाज के महत्व को रेखांकित करता है।
निकेतु इरालु की विरासत दोनों पक्षों के बीच रचनात्मक वार्ता की बढ़ती इच्छा में परिलक्षित होती है, जो शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के उनके निरंतर समर्थन का प्रमाण है। जबकि राष्ट्र उनके निधन पर शोक व्यक्त करता है, उनका पुल‑बनाने का तरीका भविष्य की शांति पहलों के लिए एक मॉडल बना रहेगा।
यह श्रद्धांजलि इस बात को उजागर करती है कि व्यक्तिगत कार्यकर्ता भारत के सामाजिक ताने‑बाने को आकार देने में कितनी भूमिका निभाते हैं, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ ऐतिहासिक मतभेद अक्सर एकीकरण को बाधित करते रहे हैं। इरालु का जीवन कार्य संवाद और मेल-मिलाप के प्रति प्रतिबद्ध नई पीढ़ी के नेताओं को प्रेरित करता रहेगा।
निकेतु इरालु की विरासत दोनों पक्षों के बीच रचनात्मक वार्ता की बढ़ती इच्छा में परिलक्षित होती है, जो शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के उनके निरंतर समर्थन का प्रमाण है। जबकि राष्ट्र उनके निधन पर शोक व्यक्त करता है, उनका पुल‑बनाने का तरीका भविष्य की शांति पहलों के लिए एक मॉडल बना रहेगा।
यह श्रद्धांजलि इस बात को उजागर करती है कि व्यक्तिगत कार्यकर्ता भारत के सामाजिक ताने‑बाने को आकार देने में कितनी भूमिका निभाते हैं, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ ऐतिहासिक मतभेद अक्सर एकीकरण को बाधित करते रहे हैं। इरालु का जीवन कार्य संवाद और मेल-मिलाप के प्रति प्रतिबद्ध नई पीढ़ी के नेताओं को प्रेरित करता रहेगा।