Sarkari Yojana
पटना नगर निगम द्वारा आवंटित किए गए दुकान को लेकर दुकानदार ने लगाए आरोप
पटना सिटी में नगर निगम द्वारा वार्ड संख्या 62में नाला परसब्जी कि दुकान लगाने वालेविक्रेताओं ने दुकान7आवंटनको लेकर गंभीर आरोप लगाया है
पटना सिटी पटना से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट
वार्ड 62 में दुकान आवंटन को लेकर
वि
वाद, सब्जी विक्रेताओं ने लगाए गंभीर आरोप,
पटना नगर निगम के वार्ड संख्या 62 में नाला पर सब्जी की दुकान लगाने वाले विक्रेताओं ने दुकान आवंटन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। रविवार को बड़ी संख्या में सब्जी विक्रेता एकजुट होकर विरोध जताने पहुंचे। और प्रदर्शन किया नारेबाजी की हंगामा किया लोगों ने कुछ दूरी तक जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया दुकानदारों ने आरोप लगाया कि वर्षों से जिस स्थान पर वे दुकान लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं, वहां दुकान आवंटन की प्रक्रिया में कथित तौर पर पुराने दुकानदारों की अनदेखी की जा रही है। वही यह मामला जांच का मामला है जांच आने पर ही पता चलेगा कि क्या सही क्या गलत है
सब्जी विक्रेताओं का आरोप है कि कई दुकानदार ऐसे हैं, जो पिछले कई वर्षों से नियमित रूप से उक्त स्थान पर सब्जी की दुकान लगा रहे हैं। इसके बावजूद कथित रूप से उनका नाम दुकान आवंटन की सूची में शामिल नहीं किया गया है। दुकानदारों का कहना है कि दूसरी ओर पार्षद प्रतिनिधि उमेश कुशवाहा और पार्षद पुत्र रोशन मेहता पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अपने करीबी लोगों को दुकान आवंटित कराने में मदद की है।
रविवार को इसको लेकर काफी संख्या में दुकानदार मौके पर जुटे और अपनी नाराजगी जाहिर की। दुकानदारों ने मांग की कि दुकान आवंटन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो और जिन लोगों ने लंबे समय से वहां दुकान लगाई है, उनके नाम की भी निष्पक्ष जांच कर सूची में शामिल किया जाए।
विक्रेताओं का कहना है कि उनकी रोजी-रोटी इसी कारोबार पर निर्भर है। यदि वर्षों से दुकान लगाने वाले लोगों को हटाकर दूसरे लोगों को दुकान आवंटित की जाती है तो उनके सामने परिवार चलाने का संकट खड़ा हो जाएगा। दुकानदारों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
मामले को लेकर दुकानदारों ने मुख्यमंत्री समेत नगर निगम और जिला प्रशासन के संबंधित अधिकारियों को लिखित आवेदन देकर शिकायत की है। आवेदन में दुकान आवंटन की सूची की जांच कराने, पुराने दुकानदारों का सत्यापन करने और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की गई है।
दुकानदारों ने कहा कि वे किसी के खिलाफ व्यक्तिगत कार्रवाई नहीं चाहते, बल्कि उन्हें सिर्फ निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था चाहिए। उनका कहना है कि पुराने दुकानदारों के दस्तावेज और वर्षों से दुकान लगाने के प्रमाण की जांच कर वास्तविक हकदारों को दुकान आवंटित की जानी चाहिए।
वहीं, इस मामले में पार्षद तारा देवी, पार्षद प्रतिनिधि उमेश कुशवाहा और पार्षद पुत्र रोशन मेहता का पक्ष सामने नहीं आया है। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जाएगा।
वार्ड 62 में दुकान आवंटन को लेकर
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वाद, सब्जी विक्रेताओं ने लगाए गंभीर आरोप,
पटना नगर निगम के वार्ड संख्या 62 में नाला पर सब्जी की दुकान लगाने वाले विक्रेताओं ने दुकान आवंटन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। रविवार को बड़ी संख्या में सब्जी विक्रेता एकजुट होकर विरोध जताने पहुंचे। और प्रदर्शन किया नारेबाजी की हंगामा किया लोगों ने कुछ दूरी तक जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया दुकानदारों ने आरोप लगाया कि वर्षों से जिस स्थान पर वे दुकान लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं, वहां दुकान आवंटन की प्रक्रिया में कथित तौर पर पुराने दुकानदारों की अनदेखी की जा रही है। वही यह मामला जांच का मामला है जांच आने पर ही पता चलेगा कि क्या सही क्या गलत है
सब्जी विक्रेताओं का आरोप है कि कई दुकानदार ऐसे हैं, जो पिछले कई वर्षों से नियमित रूप से उक्त स्थान पर सब्जी की दुकान लगा रहे हैं। इसके बावजूद कथित रूप से उनका नाम दुकान आवंटन की सूची में शामिल नहीं किया गया है। दुकानदारों का कहना है कि दूसरी ओर पार्षद प्रतिनिधि उमेश कुशवाहा और पार्षद पुत्र रोशन मेहता पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अपने करीबी लोगों को दुकान आवंटित कराने में मदद की है।
रविवार को इसको लेकर काफी संख्या में दुकानदार मौके पर जुटे और अपनी नाराजगी जाहिर की। दुकानदारों ने मांग की कि दुकान आवंटन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो और जिन लोगों ने लंबे समय से वहां दुकान लगाई है, उनके नाम की भी निष्पक्ष जांच कर सूची में शामिल किया जाए।
विक्रेताओं का कहना है कि उनकी रोजी-रोटी इसी कारोबार पर निर्भर है। यदि वर्षों से दुकान लगाने वाले लोगों को हटाकर दूसरे लोगों को दुकान आवंटित की जाती है तो उनके सामने परिवार चलाने का संकट खड़ा हो जाएगा। दुकानदारों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
मामले को लेकर दुकानदारों ने मुख्यमंत्री समेत नगर निगम और जिला प्रशासन के संबंधित अधिकारियों को लिखित आवेदन देकर शिकायत की है। आवेदन में दुकान आवंटन की सूची की जांच कराने, पुराने दुकानदारों का सत्यापन करने और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की गई है।
दुकानदारों ने कहा कि वे किसी के खिलाफ व्यक्तिगत कार्रवाई नहीं चाहते, बल्कि उन्हें सिर्फ निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था चाहिए। उनका कहना है कि पुराने दुकानदारों के दस्तावेज और वर्षों से दुकान लगाने के प्रमाण की जांच कर वास्तविक हकदारों को दुकान आवंटित की जानी चाहिए।
वहीं, इस मामले में पार्षद तारा देवी, पार्षद प्रतिनिधि उमेश कुशवाहा और पार्षद पुत्र रोशन मेहता का पक्ष सामने नहीं आया है। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जाएगा।