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पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: रात 9:55 बजे के बाद डीजे और लाउडस्पीकर पर पूर्ण प्रतिबंध
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पटना हाईकोर्ट ने ध्वनि प्रदूषण पर सख्त रुख अपनाते हुए राज्यभर में रात 9:55 बजे के बाद डीजे और लाउडस्पीकर के उपयोग पर रोक लगा दी है।
पटना हाईकोर्ट ने ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से राज्यभर के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। जस्टिस राजीव रॉय की पीठ ने स्पष्ट आदेश दिया है कि रात 9:55 बजे के बाद किसी भी स्थिति में डीजे, लाउडस्पीकर या मैरिज हॉल में तेज संगीत नहीं बजाया जा सकेगा। इसके साथ ही, दिन के समय भी ध्वनि की तीव्रता को निर्धारित डेसिबल सीमा के भीतर रखने का निर्देश दिया गया है।
अदालत ने अस्पतालों और स्कूलों के आसपास के क्षेत्रों को 'साइलेंट जोन' के रूप में सख्ती से लागू करने को कहा है। साथ ही, वाहनों में प्रेशर हॉर्न का उपयोग करने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करने और उनके चालान काटने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए अदालत ने सभी डीजे और मैरिज हॉल संचालकों को स्थानीय एसडीओ के पास अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, ध्वनि प्रदूषण की निरंतर निगरानी के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को साउंड मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित करने को कहा गया है। हाईकोर्ट के इन निर्देशों के बाद अब ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ प्रशासन की सख्ती बढ़ने की उम्मीद है।
अदालत ने अस्पतालों और स्कूलों के आसपास के क्षेत्रों को 'साइलेंट जोन' के रूप में सख्ती से लागू करने को कहा है। साथ ही, वाहनों में प्रेशर हॉर्न का उपयोग करने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करने और उनके चालान काटने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए अदालत ने सभी डीजे और मैरिज हॉल संचालकों को स्थानीय एसडीओ के पास अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, ध्वनि प्रदूषण की निरंतर निगरानी के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को साउंड मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित करने को कहा गया है। हाईकोर्ट के इन निर्देशों के बाद अब ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ प्रशासन की सख्ती बढ़ने की उम्मीद है।