📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
कृषि
पैरामीट्रिक जलवायु बीमा से भारत की ₹52 लाख करोड़ कृषि अर्थव्यवस्था को एल नीनो वर्ष में सुरक्षा
✍️ BusinessLine
🗓 01 अग. 2026, 12:33 PM
👁 7
बिज़नेसलाइन के अनुसार, पैरामीट्रिक जलवायु बीमा आने वाले एल निनो वर्ष में भारत की ₹52 लाख करोड़ कृषि अर्थव्यवस्था की रक्षा कर सकता है।
बिज़नेसलाइन ने पैरामीट्रिक जलवायु बीमा की क्षमता को रेखांकित किया है, जो आने वाले एल निनो वर्ष में ₹52 लाख करोड़ के कृषि अर्थव्यवस्था की रक्षा कर सकता है।
पैरामीट्रिक बीमा पूर्वनिर्धारित जलवायु सूचकांकों—जैसे वर्षा या तापमान सीमा—के पार होने पर भुगतान करता है, जिससे व्यापक नुकसान मूल्यांकन के बिना त्वरित वित्तीय राहत मिलती है।
किसानों के लाखों परिवारों के जीवन-यापन और राष्ट्रीय जीडीपी में महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए, ऐसी व्यवस्था एल निनो से जुड़ी गंभीर मौसम परिवर्तनों के विरुद्ध समय पर सुरक्षा प्रदान कर सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पैरामीट्रिक उत्पादों का व्यापक अपनाने से भारत के विविध कृषि परिदृश्य में असुरक्षा कम होगी और लचीलापन बढ़ेगा।
पैरामीट्रिक बीमा पूर्वनिर्धारित जलवायु सूचकांकों—जैसे वर्षा या तापमान सीमा—के पार होने पर भुगतान करता है, जिससे व्यापक नुकसान मूल्यांकन के बिना त्वरित वित्तीय राहत मिलती है।
किसानों के लाखों परिवारों के जीवन-यापन और राष्ट्रीय जीडीपी में महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए, ऐसी व्यवस्था एल निनो से जुड़ी गंभीर मौसम परिवर्तनों के विरुद्ध समय पर सुरक्षा प्रदान कर सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पैरामीट्रिक उत्पादों का व्यापक अपनाने से भारत के विविध कृषि परिदृश्य में असुरक्षा कम होगी और लचीलापन बढ़ेगा।